भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी, मोक्षनगरी काशी में आप सभी का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (FHRAI) देश के हॉस्पिटैलिटी उद्योग का शीर्ष निकाय है, जो 1 लाख से अधिक होटलों और 5 लाख से अधिक रेस्तरांओं का प्रतिनिधित्व करता है।
हम 21 से 23 अगस्त 2026 तक ताज गंगेज़, वाराणसी में अपना 56 वां वार्षिक अधिवेशन आयोजित करने जा रहे हैं। संपूर्ण भारतवर्ष से लगभग 20 राज्य हमारे सम्मेलन का समर्थन कर रहे हैं और उसमें भाग ले रहे हैं। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग और उत्तर प्रदेश पर्यटन के पार्टनर स्टेट के रूप में आयोजित यह तीन दिवसीय आयोजन देश के सबसे बड़े हॉस्पिटैलिटी सम्मेलनों में से एक होगा।
इस वर्ष हमारे अधिवेशन का प्रेरणादायी विषय है: “अनंत काशीः अध्यात्म, संस्कृति, व्यंजन एवं शिल्प के माध्यम से पर्यटन के भविष्य का नेतृत्व”।
अधिवेशन की मुख्य विशेषताएं एवं उद्देश्यः
नीति-निर्माताओं एवं दिग्गजों का समागमः इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की उम्मीद है। उनके साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी, यूपी विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव जी, ओडिशा की उप मुख्यमंत्री श्रीमती प्रवती परिदा जी, यूपी के पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह जी, गोवा के पर्यटन मंत्री श्री रोहन खूंते जी, यूपी-मेयर काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. उमेश गौतम जी, श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी उदयपुर के मेवाड़ तथा IHCL (ताज), ओबेराय, रेडिसन, विन्धम, हिल्टन, सरोवर और IHG जैसे वैश्विक ब्रांड्स के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस सम्मेलन में तीन देशों के राजदूत, थाईलैंड की राजदूत, लाओ पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजदूत और श्रीलंका की उच्चायुक्त भी शामिल हो रहे हैं।
स्थानीय शिल्पकला का एकीकरण (ODOP व ODOC): अधिवेशन में उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP (One District One Product) और ODOC (One District One Cuisine) पहलों पर विशेष चर्चा होगी। होटल, रिसॉर्ट और रेस्तरां उद्योग स्थानीय कारीगरों व उद्यमियों के साथ साझेदारी कर इन पारंपरिक शिल्पों और उत्पादों को अपनी सजावट, खरीद और उपहार प्रणाली का हिस्सा बनाएंगे।
व्यावसायिक सत्र एवं नवाचारः तीन दिनों के दौरान ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, एआई व डिजिटल परिवर्तन, MICE पर्यटन, वेलनेस व वेडिंग टूरिज्म और सतत हॉस्पिटैलिटी अवसंरचना जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के संदर्भ में
सम्मान एवं पुरस्कारः उद्घाटन समारोह में वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत में योगदान देने वाली हस्तियों को ‘एफएचआरएआई भारत गौरव पुरस्कार’ तथा समापन सत्र में प्रतिभाशाली छात्रों व उद्योगपतियों को ‘एफएचआरएआई एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ प्रदान किए जाएंगे।

