ओबरा, सोनभद्र | 8 मई, 2026 ओबरा नगर को स्वच्छ, व्यवस्थित और आदर्श नगर बनाने के संकल्प के साथ नगर पंचायत ओबरा ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह के कुशल नेतृत्व में सिटिजन फीडबैक स्वच्छता अभियान 2025-26 के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान छेड़ा गया है। हालाँकि, जहाँ एक ओर प्रशासन डिजिटल फीडबैक के जरिए सुधार का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़कों की बदहाली को लेकर नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अभियान के पहले चरण में नगर पंचायत की टीम और सफाई कर्मचारियों ने बाजारों और मोहल्लों का सघन दौरा किया। निरीक्षण के दौरान नागरिकों को QR कोड और ऑनलाइन माध्यमों से फीडबैक देने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशासन का जोर डेटा को पारदर्शी बनाने और जनता के सुझावों पर त्वरित कार्रवाई करने पर है। टीम ने स्वच्छता की भागीदारी का संदेश देते हुए इसे एक साझा जिम्मेदारी बताया।
प्रशासनिक दावों से इतर, निरीक्षण के दौरान जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती नजर आई। स्थानीय नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सड़कों पर जमी धूल और मिट्टी को प्रदूषण का मुख्य स्रोत बताया। यहाँ सड़क पर मिट्टी की मोटी परत जमी है। वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का दम घुट रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शारदा मंदिर से सुभाष पेट्रोल टंकी तक की सड़क कागजों में 30 फीट चौड़ी है, लेकिन किनारों पर मिट्टी जमा होने के कारण वास्तविक सड़क मात्र 15 फीट रह गई है। सड़कों की नियमित सफाई न होने से दुकानों में दिनभर धूल जमी रहती है, जिससे व्यापार और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नागरिकों ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। लोगों का आरोप है कि सफाई अभियान के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। सफाई नायकों और कर्मचारियों को लाखों रुपये वेतन दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर सफाई नाम मात्र की है। जब मुख्य सड़कें ही धूल से पटी हैं, तो हर घर साफ का दावा कैसे सच होगा।नागरिकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि गंदगी या सफाई संबंधी किसी भी समस्या की सूचना सीधे संबंधित विभाग को दी जा सकती है। नगर पंचायत ओबरा का यह अभियान स्वच्छता रैंकिंग सुधारने की एक कोशिश तो है, लेकिन इसकी सफलता जनता और प्रशासन के वास्तविक तालमेल पर टिकी है। अब देखना यह होगा कि नागरिकों द्वारा उठाई गई धूल और मिट्टी की इस गंभीर समस्या का समाधान फाइलों से निकलकर सड़कों पर कब तक दिखाई देता है।
ओबरा में स्वच्छता अभियान का आगाज़ जागरूकता के बीच नागरिकों ने उठाई धूल और प्रदूषण की समस्या
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