ओबरा, सोनभद्र | 12 मई, 2026 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज विश्व माहवारी स्वच्छता जागरूकता अभियान का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के बीच माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ स्वच्छता प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. विभा पाण्डेय ने छात्राओं को संबोधित करते हुए मासिक धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया। मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है। महिलाओं को इससे घबराने, शर्माने या संकोच करने की आवश्यकता नहीं है। संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छ सैनिटरी पैड का उपयोग और नियमित अंतराल पर उन्हें बदलना अनिवार्य है। इस अवधि के दौरान शरीर में होने वाले परिवर्तनों को देखते हुए आयरन युक्त और संतुलित आहार लेना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। समाज में माहवारी को लेकर व्याप्त पुरानी और गलत धारणाओं को मिलकर दूर करना होगा। जागरूकता अभियान के एक हिस्से के रूप में एक क्विज (प्रश्नमंच) प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं के स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान को परखा गया और उन्हें माहवारी स्वच्छता के विभिन्न मानकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों और छात्राओं ने समाज में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने तथा एक सकारात्मक वातावरण विकसित करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. संघमित्रा, डॉ. अंजली सहित महाविद्यालय की समस्त छात्राएं और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल छात्राओं के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम है, बल्कि समाज में पीरियड पॉवर्टी और इससे जुड़ी वर्जनाओं को तोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है।
ओबरा विश्व माहवारी स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत छात्राओं ने सीखीं बेहतर स्वास्थ्य की बारीकियां
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