गाजीपुर।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर के टाउन नेशनल स्कूल के विशाल प्रांगण में शनिवार को भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन की भारी भागीदारी देखने को मिली। योग और स्वास्थ्य के प्रति लोगों में गजब का उत्साह दिखाई दिया तथा पूरे परिसर में अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक धीरज राय एवं उनके सहयोगियों द्वारा हजारों लोगों को सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराते हुए योग के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित अनेक योग क्रियाओं का अभ्यास किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने स्वयं योगाभ्यास कर उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक दिशा देने वाली प्राचीन भारतीय विधा है। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है तथा मानसिक तनाव को भी दूर किया जा सकता है।
योग कार्यक्रम के उपरांत मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार योग व्यक्ति के शरीर और मन को स्वस्थ रखता है, उसी प्रकार वृक्ष पृथ्वी और पर्यावरण को स्वस्थ बनाए रखने का कार्य करते हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में *उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया, **क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी, *कोतवाल अनिल कुमार सिंह सहित तहसील के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया और स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अपनी सहभागिता निभाई।
विश्व योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का संगम बन गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। योग दिवस के इस आयोजन ने नगरवासियों को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

