दृष्टि उजागर गाजीपुर। जिले में वर्षों से लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पांच वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों को विशेष अभियान चलाकर 15 दिनों के भीतर निस्तारित किया जाए। कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
कलेक्ट्रेट स्थित रायफल क्लब सभागार में आयोजित राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने धारा-33 के मामलों में बेहद धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए तहसीलदार सेवराई से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि राजस्व वसूली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्टाम्प शुल्क, वाहन कर, रॉयल्टी, भू-राजस्व एवं अन्य देयों की वसूली में तेजी लाई जाए और बड़े बकायेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में दाखिल-खारिज, विवादित वादों तथा धारा-24, 34, 80 और 116 के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी राजस्व अधिकारी समयबद्ध ढंग से कार्य करें, जिससे आम जनता को अनावश्यक रूप से तहसीलों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने धारा-67 के मामलों में तहसीलदारों को गंभीरता से सुनवाई करने तथा उपजिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व गांवों में खेल मैदान, सीमा स्तंभ, कृषि भूमि पट्टा, आवासीय भूमि आवंटन, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन के कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), मुख्य राजस्व अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
15 दिन में निपटेंगे पांच साल पुराने मुकदमे, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम
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