(गाजीपुर)।हत्या के मामले में महीनों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश का आखिरकार पुलिस से आमना-सामना हो ही गया। पुलिस के आत्मसमर्पण के आदेश को ठुकराते हुए आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन सैदपुर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके मंसूबे धरे रह गए। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही धराशायी हो गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार देर रात सैदपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह अपनी टीम के साथ अपराधियों की तलाश में क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दासू बनवासी हत्याकांड में वांछित 25 हजार रुपये का इनामी अभियुक्त नगीना बनवासी गांगी नदी पुल के रास्ते सिकंदरपुर-बबुरहनी मार्ग की ओर आने वाला है तथा उसके पास अवैध तमंचा भी है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने उसे चारों ओर से घेरकर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस पर ही जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद वह भाग नहीं सका और पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नगीना बनवासी (49 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय बुधई बनवासी, मूल निवासी ग्राम भड़सर थाना बिरनो तथा वर्तमान निवासी ग्राम शेरमठ थाना करीमुद्दीनपुर जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह थाना सैदपुर पर दर्ज दासू बनवासी हत्याकांड के मुकदमे में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस तथा दो खोखा कारतूस बरामद हुए। उसके विरुद्ध हत्या के मामले के अलावा आर्म्स एक्ट का भी मुकदमा दर्ज है।
घायल अभियुक्त को पुलिस ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर पहुंचाकर उपचार कराया। चिकित्सकीय देखरेख के बाद उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक *प्रताप नारायण, हेड कांस्टेबल **अमित सिंह, कांस्टेबल *धर्मेन्द्र कुमार एवं कांस्टेबल विनय सिंह ने अंजाम दिया।

