गाजीपुर। करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रही मरदह-कासिमाबाद मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बुधवार को छोटका मरदह के पास निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क निर्माण में गिट्टी के स्थान पर मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूचना पर पहुंचे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता किरनपाल ने मौके का निरीक्षण किया और सड़क पर डाली गई मिट्टी हटवाकर गिट्टी डलवाई।
ग्रामीणों के अनुसार भीड़वल और छोटका मरदह गांव के बीच सड़क की बेस लेयर में मानक के विपरीत आधी गिट्टी और आधी मिट्टी डाली जा रही थी। इसका विरोध करते हुए लोगों ने निर्माण कार्य बंद करा दिया और विभाग व ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। कई स्थानों पर पुरानी पिच सड़क को हटाए बिना उसी के ऊपर गिट्टी बिछाई जा रही है, जबकि स्वीकृत बजट नई सड़क के निर्माण के लिए है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कहीं सड़क अधिक चौड़ी तो कहीं कम चौड़ी बनाई जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन की सूचना पर अधिशासी अभियंता किरनपाल संबंधित जेई व एई के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सड़क पर गिट्टी की जगह डाली गई मिट्टी को हटवाकर गिट्टी डलवाई गई। उन्होंने निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन करने वालों में मनोज यादव, कुंदन सिंह, सतेंद्र सिंह, अमित यादव, बब्बन यादव, रामसमुझ विश्वकर्मा, रामलाल, रितेश मौर्य, शिवम सिंह, आशुतोष यादव, मिथिलेश गुप्ता, राजेश खरवार सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
मरदह-कासिमाबाद मार्ग लंबे समय से जर्जर और संकरा होने के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी थी, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
36 करोड़ की सड़क में गिट्टी की जगह मिट्टी डालने का आरोप, ग्रामीणों ने रुकवाया निर्माण कार्य
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