करीमुद्दीनपुर/गाजीपुर। छपरा–वाराणसी रेल मार्ग पर स्थित करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए बनाए गए शौचालय और स्नानघर पिछले लगभग तीन वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।।
स्टेशन के बाहर निर्मित सार्वजनिक शौचालय एवं स्नानघर पर लंबे समय से ताला लटका हुआ है। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बना शौचालय भी उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस शौचालय का निर्माण निम्न गुणवत्ता का किया गया था। निर्माण के तुरंत बाद ही इसके फाइबर के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए थे। बाद में उनकी जगह लोहे के दरवाजे लगाए गए, लेकिन इसके बावजूद शौचालय आज तक बंद है और यात्रियों के उपयोग में नहीं लाया गया।।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर स्वच्छ और सुगम शौचालय की व्यवस्था प्रत्येक यात्री का मूल अधिकार है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।।
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़े शौचालयों को शीघ्र चालू कराया जाए, नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए शौचालय आखिर वर्षों से बंद क्यों पड़े हैं? क्या रेलवे प्रशासन इस समस्या का समाधान कर यात्रियों को उनका अधिकार दिला पाएगा?

