ओबरा / जुगैल (सोनभद्र)। अजीत प्रताप सिंह। थाना जुगैल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जुगैल (टोला जोरबा) के एक निर्धन परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के भरण-पोषण और आजीविका की तलाश में कर्नाटक राज्य मजदूरी करने गए 36 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शव के पैतृक गांव पहुँचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जुगैल के जोरबा टोला निवासी तोपा सिंह खरवार (उम्र 36 वर्ष) पुत्र रामदेव खरवार बीते 23 जुलाई 2026 को अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (जिला बुद्धगिरि) गया हुआ था। वहाँ वह केसी (KC) नामक कंपनी में मजदूरी का कार्य कर रहा था। अचानक उसकी मौत की खबर मिलने से परिजन स्तब्ध रह गए। तोपा सिंह ही अपने परिवार का एकमात्र सहारा और कमाने वाला सदस्य था, जिसकी असामयिक मौत ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। मृतक तोपा सिंह खरवार अत्यंत गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा 4 बेटियां और 1 छोटा बेटा छोड़ गया है। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार पर भुखमरी और अनिश्चित भविष्य का संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि जिस कंपनी (केसी कंपनी) में तोपा सिंह काम कर रहा था, उसके प्रबंधन द्वारा इस विपत्ति की घड़ी में पीड़ित परिवार को कोई उचित सहयोग या आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की गई। कंपनी के इस संवेदनहीन रवैये को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मृतक का शव गांव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। पीड़ित परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन सोनभद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रवासी मजदूर की असमय मौत पर उसके असहाय परिवार और मासूम बच्चों को तत्काल राहत कोष से उचित मुआवजा व सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए, ताकि मासूमों का लालन-पालन हो सके।
कमाने गए जुगैल के युवक की बेंगलुरु में दर्दनाक मौत घर पहुँचा शव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
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