बहन के गर्भाशय ऑपरेशन हेतु B+ ब्लड के लिए भटक रहे परिजन, समाजसेवी डब्ल्यू सिंह से की मदद की गुहार
मुसीबत की खबर मिलते ही समाजसेवी डब्ल्यू सिंह और विकास अग्रहरि ने मिलाया फोन, नगर ऊंटरी से पहुंचे रक्तदाता
रक्तदाता अरविंद मौर्य ने सोनभद्र पहुंचकर किया रक्तदान, पेश की परहित सरिस धर्म नहिं भाई की अनूठी मिसाल
मानव की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा शास्त्रों व गीता के कर्मयोग संदेश को चरितार्थ कर रहे रेणुकूट के समाजसेवी डब्ल्यू सिंह
रेणुकूट (सोनभद्र)। अजीत प्रताप सिंह। अष्टादशपुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम्। परोपकार पुण्याय पापाय परपीडनम्॥ अर्थात 18 पुराणों का यही सार है कि परोपकार और दूसरों की सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीं है। श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए इसी निष्काम कर्मयोग और मानवता के संदेश को सोनभद्र के रेणुकूट में एक बार फिर जीवंत किया गया है, जहाँ संकट की घड़ी में एक इंसान ने दूसरे इंसान की मदद कर सच्ची इंसानियत का धर्म निभाया है। पूरा मामला रेणुकूट क्षेत्र का है, जहाँ एक असहाय परिवार अपनी मरीज बहन के इलाज हेतु रक्त (ब्लड) की व्यवस्था के लिए दर-दर भटक रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेणुकूट निवासी एक महिला के गर्भाशय का गंभीर ऑपरेशन होना था, जिसके लिए डॉक्टरों ने तत्काल B+ (बी पॉजिटिव) ब्लड की व्यवस्था करने की सलाह दी थी। पीड़ित परिवार कई दिनों से ब्लड बैंक, जान-पहचान वालों और विभिन्न स्थानों पर रक्त की तलाश में भटक रहा था। काफी प्रयासों के बावजूद जब कहीं से भी ब्लड की व्यवस्था नहीं हो सकी, तो मरीज की हालत को देखते हुए परिजनों की चिंता और हताशा बढ़ने लगी। निराशा के बीच पीड़ित परिवार ने रेणुकूट के जाने-माने समाजसेवी विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई और मदद की गुहार लगाई। समाजसेवी डब्ल्यू सिंह, जो क्षेत्र में हर जरूरतमंद की मदद के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए जाने जाते हैं, ने मामला सुनते ही बिना एक पल गंवाए अपने सहयोगी विकास अग्रहरि को सूचित किया। दोनों समाजसेवियों ने तुरंत अपने नेटवर्क और युवा मित्रों से संपर्क साधना शुरू किया और रक्तदाता की खोज में जुट गए।जैसे ही इस गंभीर स्थिति की जानकारी झारखंड सीमा से सटे नगर ऊंटरी (गढ़वा) निवासी युवा समाजसेवी अरविंद मौर्य को मिली, उन्होंने बिना कोई संकोच किए तुरंत रक्तदान करने की सहमति दे दी। अरविंद मौर्य तत्काल नगर ऊंटरी से सफर तय करके सोनभद्र (रेणुकूट) पहुंचे और अस्पताल/ब्लड बैंक पहुंचकर पीड़ित महिला के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया। समय पर रक्त मिल जाने से महिला का ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न कराने की राह आसान हो सकी, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली।रक्तदान संपन्न होने के बाद समाजसेवी डब्ल्यू सिंह ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य एक-दूसरे के सुख-दुख में काम आना और समाज को बेहतर बनाना है। हिंदू दर्शन और हमारे शास्त्र भी यही सिखाते हैं कि हर इंसान में ईश्वर का अंश होता है, इसलिए किसी जरूरतमंद की सेवा करना सीधे भगवान की पूजा करने के समान है। जब तक ईश्वर ने सामर्थ्य दिया है, तब तक हर पीड़ित और असहाय की मदद के लिए हम तत्पर रहेंगे।पीड़ित परिवार ने संकट के समय मसीहा बनकर सामने आए समाजसेवी डब्ल्यू सिंह, विकास अग्रहरि तथा दूर-दराज से आकर रक्तदान करने वाले अरविंद मौर्य का तहे दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों ने भी इस सराहनीय और अनुकरणीय कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है।

