हापुड़ (मनीष कुमार) लंबे समय से तहसील धौलाना में चल रही अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई। शासन और प्रशासन की ओर से अध्यादेश वापस लेने तथा संबंधित आदेशों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेताओं की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही 6 जुलाई (सोमवार) से तहसील में बैनामा, रजिस्ट्रेशन और अन्य कार्य पूर्व की भांति शुरू हो जाएंगे, जिससे पिछले कई सप्ताह से प्रभावित आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
बार एसोसिएशन धौलाना के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन ने अधिवक्ताओं की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। यदि आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई होती है तो अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता पहले की तरह अपनी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित करेंगे।
अधिवक्ता अभिषेक तोमर ने बताया कि तीन जुलाई को अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार तहसील धौलाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। बैठक में एडीएम ने आश्वस्त किया कि शासन द्वारा चार जून 2026 को जारी आदेश वापस ले लिया गया है। साथ ही वर्ष 2024 में पारित अध्यादेश को पूरी तरह निरस्त कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है, जिसे जल्द कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत कर निरस्त कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बैठक में पारित प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया कि फिलहाल आंदोलन स्थगित किया जा रहा है। यदि भविष्य में आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं होती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने भी अधिवक्ताओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए भविष्य में भी कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने का भरोसा दिलाया। पूर्व मेरठ मंडल महासचिव भवेंद्र सिंह सिसोदिया और मोहम्मद साजिद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, प्रभारी उपनिबंधक धौलाना अमित वर्मा ने बताया कि छह जुलाई से रजिस्ट्रेशन कार्य सामान्य रूप से शुरू होंगे। उन्होंने अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और आम नागरिकों से अपील की कि वे कार्यालय द्वारा निर्धारित समय के अनुसार ही दस्तावेज पंजीकरण के लिए प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के तहत पक्षकारों का आधार सत्यापन ओटीपी के माध्यम से पूरा करने के बाद ही कार्यालय में दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सके। प्रतिदिन प्रस्तुत होने वाले सभी विलेखों का नियमानुसार पंजीकरण किया जाएगा। बैठक में अधिवक्ता लक्ष्मण गहलोत, दीपक राणा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और अन्य लोग उपस्थित रहे।

