सोनभद्र (बीना)।उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में शक्तिनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एनसीएल बीना परियोजना के ‘अटल अस्पताल’ में बीते दिनों एम्बुलेंस की उपलब्धता को लेकर भारी हंगामा हुआ। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर सरकारी कार्य में गंभीर रूप से बाधा उत्पन्न की। इस संबंध में एनसीएल प्रबंधन की शिकायत पर शक्तिनगर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 14 जून 2026 का है। एनसीएल बीना परियोजना के वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक नरेंद्र कुमार द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि चंद्रुआर निवासी वीरवल साहनी (पुत्र राजनैन साहनी) को इलाज के लिए अटल अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज अत्यधिक शराब के नशे में था। अस्पताल के चिकित्सकों ने त्वरित कदम उठाते हुए मरीज का प्राथमिक उपचार किया और आवश्यक जांचें कीं। मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र (हायर सेंटर) रेफर कर दिया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिस समय मरीज को रेफर किया गया, उस वक्त अस्पताल की अपनी एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध नहीं थी। इस पर वहां मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीज के परिजनों व साथ आए लोगों को सलाह दी कि वे तत्काल ‘108 एम्बुलेंस सेवा’ का उपयोग कर लें ताकि मरीज को समय पर शिफ्ट किया जा सके।
आरोप है कि यह सुनते ही मरीज के साथ आए लोग भड़क गए। राजन भारती, चंदन भारती, ओम नारायण भारती और विजय कुमार विश्वकर्मा नामक युवकों ने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। तहरीर के अनुसार गंभीर आरोप आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं और परिसर के भीतर ही जान से मारने की धमकी दी। इस गुंडागर्दी के कारण अस्पताल के कर्मचारी सहम गए और वहां असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं। घटना यहीं नहीं रुकी।शिकायत के मुताबिक, अगले दिन यानी 15 जून 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे आरोपी एक बार फिर संगठित होकर अस्पताल पहुंचे। इस बार उन्होंने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। द्वार जाम होने के कारण गंभीर रूप से बीमार अन्य मरीजों, उनके तीमारदारों और डॉक्टरों के आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए इसे सीधे तौर पर सरकारी कार्य में बाधा डालना और मरीजों की जान को जोखिम में डालना करार दिया है। एनसीएल बीना परियोजना के सुरक्षा प्रभारी नरेंद्र कुमार की ओर से महाप्रबंधक कार्यालय के माध्यम से शक्तिनगर थाने में लिखित तहरीर दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शक्तिनगर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच उपनिरीक्षक (SI) अजय कुमार श्रीवास्तव को सौंपी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल परिसर में इस तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर तथ्यों की कड़ाई से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एनसीएल बीना अस्पताल में भारी हंगामा डॉक्टरों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज, जांच शुरू
Related Posts
Add A Comment

