ओबरा (सोनभद्र)। ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र के ओबरा डैम सेक्टर-10 रोड पर इन दिनों कराया जा रहा नाली निर्माण कार्य विवादों के घेरे में आ गया है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्माण कार्य की वैधानिकता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि नाली निर्माण का एक बड़ा हिस्सा रेलवे की स्वामित्व वाली भूमि पर किया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद अब क्षेत्र में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य वास्तव में रेलवे की सीमा के भीतर हो रहा है, तो इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय होना अनिवार्य है। नियमानुसार, किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था द्वारा रेलवे की भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले रेलवे विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) तथा अन्य आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। यदि ओबरा नगर पंचायत द्वारा बिना किसी आधिकारिक अनुमति या कागजी स्वीकृति के यह निर्माण कराया जा रहा है, तो यह स्थापित नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं का खुला उल्लंघन है, जो सीधे तौर पर उच्च स्तरीय जांच का विषय बनता है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त विवादित नाली निर्माण कार्य ठेकेदार विनय सिंह द्वारा कराया जा रहा है। इस गंभीर मामले के प्रकाश में आने के बाद अब गेंद प्रशासनिक अधिकारियों के पाले में है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल, ओबरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) तथा संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। जनता यह स्पष्ट करने की मांग कर रही है कि क्या यह निर्माण कार्य सभी वैधानिक अनुमतियों और स्वीकृतियों के साथ हो रहा है, या फिर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर नियमों को ताक पर रख दिया गया है। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि विकास कार्यों का वे स्वागत करते हैं, लेकिन विकास के नाम पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की वित्तीय या वैधानिक अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। जनहित को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना बेहद जरूरी है, ताकि सरकारी धन और संपदा का दुरुपयोग न हो सके। अब देखना यह होगा कि रेलवे विभाग और नगर पंचायत प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
ओबरा नगर पंचायत में नाली निर्माण पर उठे गंभीर सवाल रेलवे की भूमि पर बिना NOC काम कराने का आरोप
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