गाजीपुर। मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के भांवरकोल ब्लॉक अंतर्गत रेवसड़ा–बसनिया मार्ग की बदहाली से हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण बरसात के दिनों में यह सड़क आवागमन के लिए बेहद खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी क्षेत्र की प्रमुख जीवनरेखा रहा यह मार्ग अब विकास के दावों पर सवाल खड़ा कर रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक रेवसड़ा–बसनिया मार्ग से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गोड़ऊर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील मुख्यालय मुहम्मदाबाद, करीमुद्दीनपुर, बक्सर रेलवे स्टेशन और गाजीपुर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों तक आवागमन होता है। सड़क खराब होने के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें
सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। कई निजी स्कूलों के वाहन इस मार्ग पर आने से कतराने लगे हैं। बच्चों को कीचड़ और गड्ढों से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। अभिभावकों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
मरीजों और गर्भवती महिलाओं को जोखिम
ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। खराब सड़क के चलते कई बार एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है। इससे मरीजों की जान पर भी खतरा बना रहता है।
किसानों और पशुपालकों की आजीविका प्रभावित
सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। दुग्ध डेयरियों के वाहन गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहीं किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में किसानों की आय बढ़ाने के दावे जमीनी हकीकत से दूर नजर आते हैं।
बदहाल सड़क से शादी के रिश्ते भी प्रभावित
ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को लेकर एक और गंभीर समस्या सामने रखी है। उनका कहना है कि गांव की सड़क देखकर कई परिवार शादी के रिश्ते करने से भी हिचकिचाते हैं। ग्रामीणों के बीच अब यह चर्चा आम है कि “करइल में दुल्हन से पहले सड़क चाहिए।”
अखबार और डाक पहुंचाने में भी परेशानी
मार्ग की खराब स्थिति के कारण डाक विभाग के कर्मचारियों को भी गांवों तक पहुंचने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर अखबार और डाक समय से नहीं पहुंच पाती, जिससे लोगों को जरूरी सूचनाओं से भी वंचित होना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से रेवसड़ा–बसनिया मार्ग का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान होगा।

