सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) सोनभद्र जनपद, जिसे अपनी अपार धार्मिक महिमा और प्राकृतिक सुंदरता के कारण गुप्तकाशी के रूप में पूजा जाता है, आज विडंबनाओं के घेरे में है। एक ओर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और मंदिरों के कायाकल्प का बड़ा दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जनपद का प्रसिद्ध सिद्धपीठ अमर गुफा (सलाई बनवा दुवरा घाटी) सरकारी तंत्र की घोर उदासीनता के कारण उपेक्षित पड़ा है। अमर गुफा श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है, जहाँ साल भर हजारों की तादाद में भक्त महादेव के दर्शन के लिए दुर्गम रास्तों से होकर पहुँचते हैं। मंदिर समिति के अनुसार, सरकार ने परिसर के भीतर रैन बसेरा जैसी कुछ बुनियादी सुविधाएं तो विकसित की हैं, लेकिन मंदिर तक पहुँचने वाला मुख्य मार्ग आज भी बदहाली के आंसू रो रहा है। सड़क की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ हर कदम पर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। श्रद्धालुओं के लिए बाबा के दरबार तक पहुँचने का सफर किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं है। सड़क पर बिछे बड़े-बड़े नुकीले पत्थर और गहरे गड्ढे राहगीरों को चोटिल कर रहे हैं। ग्रामीणों और दर्शनार्थियों का कहना है कि सड़क मार्ग इतना भयावह है कि यदि हम गड्ढों से बचते हैं, तो कीचड़ में जा गिरते हैं और कीचड़ से बचें तो बड़े-बड़े पत्थरों से टकराकर वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। पैदल चलने वाले वृद्धों और बच्चों के लिए यह मार्ग किसी जोखिम भरी चुनौती जैसा है। विडंबना यह है कि पर्यटन विभाग के दस्तावेजों और विज्ञापनों में शिव-पार्वती अमर गुफा एक प्रसिद्ध स्थल के रूप में दर्ज है। यहाँ तक कि विभाग का बोर्ड भी लगा हुआ है, लेकिन धरातल पर मार्ग निर्माण की हकीकत शून्य है। इस ज्वलंत मुद्दे पर हर हर महादेव सेवा समिति के अध्यक्ष भानु प्रताप ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। ओबरा विधानसभा के विधायक, जो स्वयं प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं, उनके संज्ञान में भी यह मामला कई बार लाया गया है। स्थानीय पत्रकार संगठनों राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समिति का सीधा आरोप है कि सरकार की कथनी और स्थानीय जिम्मेदारों की करनी में बड़ा अंतर है। स्थानीय मंत्री और अधिकारी इस सिद्धपीठ की अनदेखी कर भक्तों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं।हजारों भक्तों की आस्था और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए अमर गुफा मार्ग की यह स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। मंदिर समिति और क्षेत्रीय जनता ने एक बार फिर सरकार से गुहार लगाई है कि इस मार्ग का अविलंब पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि गुप्तकाशी का गौरव बहाल हो सके।क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है, या जल्द ही भोले के भक्तों की राह सुगम होगी?
गुप्तकाशी की उपेक्षा—सिद्धपीठ अमर गुफा के मार्ग पर भक्तों की अग्निपरीक्षा
Related Posts
Add A Comment

