ओबरा (सोनभद्र) । रविवार को ओबरा नगर के हृदय स्थल हनुमान मंदिर चौराहा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को रेखांकित करते हुए एक अभूतपूर्व नागरिक पहल देखने को मिली। सोन चेतना सामाजिक संगठन के आह्वान पर नगर के सजग युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने किसी भी राजनैतिक दल के झंडे या नारेबाज़ी के बिना नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा परिसर में सामूहिक श्रमदान (स्वच्छता अभियान) चलाया।
इस अवसर पर संगठन के संस्थापक अभिषेक अग्रहरी ने कहा कि 21st सदी के भारत में जब भी युवाओं के सुरक्षित भविष्य, पढ़ाई-लिखाई की शुचिता और परीक्षाओं की ईमानदारी जैसे बुनियादी और गंभीर विषय उठते हैं, तो पूरा समाज पक्ष-विपक्ष की बहसों में उलझकर अलग-अलग हिस्सों में बंट जाता है। लोग समस्या की गहराई को समझने के बजाय आवाज़ उठाने वाले व्यक्ति की पार्टी, जाति या इतिहास खंगालने में लग जाते हैं। नतीजा यह होता है कि जो असली दर्द है—यानी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही—वह मुद्दा नेताओं की आपसी खींचतान में उलझ कर दम तोड़ देता है।
संस्थापक अभिषेक अग्रहरी ने आगे कहा कि निजी सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाज के हक के लिए संघर्ष करने वाले सच्चे लोगों के उठाए मुद्दों को नजरअंदाज करना हमारे उन महान स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत का अपमान है, जिन्होंने एक पारदर्शी, सुरक्षित और मजबूत भारत की कल्पना की थी। शासन और प्रशासन की नीतियां तभी बेहतर हो सकती हैं जब समाज में हर व्यक्ति के रचनात्मक और शांतिपूर्ण सुझाव को स्वीकार करने की मूल नीति अपनाई जाए। परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने और हर स्तर पर कड़े प्रशासनिक सुधार करने के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए। यह आयोजन किसी भी प्रकार के विरोध या राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूर, विशुद्ध रूप से निवेदन और आग्रह के क्रम में देश की सरकार के समक्ष एक एकाग्र नागरिक संदेश भेजने के लिए किया गया।
इस रचनात्मक पहल में मुख्य रूप से सिद्धांत पटेल, विकास पाठक, रिजवान अहमद, इमरान खान, जाहिद, परवेज अहमद और अंशु पटेल सहित ओबरा नगर के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, जागरूक युवा और प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ओबरा के युवाओं ने दिया राष्ट्र चेतना का संदेश, नेताजी की प्रतिमा पर किया श्रमदान
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