राबर्ट्सगंज/ओबरा (सोनभद्र) पतंजलि परिवार सोनभद्र की सभी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को राबर्ट्सगंज स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में एक भव्य सम्मान समारोह एवं योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश (पूर्व) के पतंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी श्रद्धेय दुर्गेश जी महाराज और भारत स्वाभिमान के राज्य प्रभारी श्रद्धेय श्रीभगवान जी का पतंजलि परिवार द्वारा अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस दौरान जनपद के सैकड़ों योग शिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर निरोगी काया का संदेश दिया। सुबह ठीक 6:30 बजे मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में भारत स्वाभिमान सोनभद्र के जिला प्रभारी वीरेंद्र योगी, पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रवि प्रकाश त्रिपाठी तथा योग जिला संरक्षक मनोज सिंह ने राज्य प्रभारी श्रद्धेय दुर्गेश जी को अंगवस्त्र, पारंपरिक पगड़ी और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश पूर्व के भारत स्वाभिमान के राज्य प्रभारी श्रद्धेय श्रीभगवान जी को भी जिला प्रभारियों द्वारा अंगवस्त्र और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने सोनभद्र पतंजलि परिवार के इस आत्मीय स्वागत के प्रति आभार प्रकट किया।
अपने मुख्य उद्बोधन में राज्य प्रभारी श्रद्धेय दुर्गेश जी ने कहा कि परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज और केंद्रीय प्रभारी भाई राकेश जी के कुशल नेतृत्व में पूर्वी उत्तर प्रदेश योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में शानदार कार्य कर रहा है। उन्होंने सोनभद्र में निरंतर बढ़ रही योग कक्षाओं और योग साधकों की संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने एक विशेष गुरुमंत्र देते हुए कहा— ठहर गया योगी, बह गया भोगी। यदि साधक किसी भी योग आसन में कम से कम 5 मिनट के ठहराव (Hold) का अभ्यास करने लगे, तो शरीर से हर प्रकार की असाध्य बीमारियों का नाश होना पूरी तरह निश्चित है। भारत स्वाभिमान (उत्तर प्रदेश पूर्व) के राज्य प्रभारी श्रद्धेय श्रीभगवान जी ने उपस्थित सैकड़ों योग शिक्षक भाई-बहनों को प्राणायाम का गहन अभ्यास कराया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि प्राणायाम का हमारे आंतरिक अंगों पर क्या प्रभाव पड़ता है। महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग के अंतर्गत उन्होंने भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अग्निसार, उज्जायी, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ और प्रणव का अभ्यास कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्राणायाम हमारे लिवर, किडनी और पेनक्रियाज को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे शरीर आंतरिक रूप से सुदृढ़ और आध्यात्मिक आनंद से सराबोर होता है। इस समारोह का मुख्य आकर्षण कक्षा 7 के मेधावी छात्र और युवा योगी अमृत राज रहे। वीरेंद्र योगी की देखरेख में योग का कड़ा प्रशिक्षण ले रहे अमृत राज ने योग आसन के क्षेत्र में अपनी अद्भुत दक्षता का प्रदर्शन कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। समारोह में अमृत राज द्वारा चक्रासन, मयूरासन, लौली, शीर्षासन और गर्भासन का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया। इस असाधारण प्रतिभा के लिए राज्य प्रभारी द्वय, युवा प्रभारी मयंक जी और किसान प्रभारी अरुण जी ने अमृत राज को अंगवस्त्र तथा योगीराज भगवान श्रीकृष्ण का चित्र भेंट कर पुरस्कृत किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत में जिला प्रभारी वीरेंद्र योगी ने सभी अतिथियों का जनपद आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि इस योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में दुद्धी, ओबरा, रेनुकूट, अनपरा और रेनुसागर सहित पूरे जनपद से लगभग 250 से अधिक योग शिक्षकों और प्रभारियों ने सहभागिता की।
नवनियुक्त योग शिक्षक डॉ. शंकर मजूमदार, क्षर शौमिक, शंखदीप, कमलेश मोहन, गिरिजा सिंह, पप्पू कुमार, अवधेश शर्मा, पारस, कशिश, तारा, मीता मजूमदार, रीता सिंह। तहसील व नगर पदाधिकारी नगर प्रभारी दिनेश लाल श्रीवास्तव, ओम प्रकाश, योग शिक्षक सुनील कुमार श्रीवास्तव, विमल कुमार, गोपाल।
संगठन विस्तारक टीम संगठन मंत्री मोहर देव, रामकुमार त्रिपाठी, शैलेश, मिथिलेश, देवेंद्र, कमलेश, धनंजय, शिवनारायण, लक्ष्मी, धर्मेंद्र, हीरालाल, रामसेवक, रूपनारायण, नागेंद्र, विनोद, उमेश, डॉ. मनोज, बृजेश, डॉ. वैभव और साहित्य सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे। समारोह के समापन पर सभी साधकों ने लोक-कल्याण की भावना के साथ सामूहिक रूप से शांति पाठ किया, जिसके बाद इस भव्य सम्मान समारोह-26 को पूर्ण विराम दिया गया।
पतंजलि परिवार सोनभद्र ने किया राज्य प्रभारियों का भव्य अभिनंदन योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में उमड़ा जनसैलाब
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