रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए चलाए जा रहे अभियानों का असर अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। सोनभद्र जिले की संजू कुशवाहा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के सहयोग से श्रीअन्न (मिलेट्स) आधारित उत्पाद तैयार कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि गांव की कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार देकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सजौर (मजरा मझिगांव चौबे) की निवासी 41 वर्षीय संजू कुशवाहा का जीवन कुछ वर्ष पहले तक बेहद तंगी में बीत रहा था। पति की अनिश्चित प्राइवेट नौकरी से 5 सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो रहा था। सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सजौर (मजरा मझिगांव चौबे) की निवासी 41 वर्षीय संजू कुशवाहा का जीवन कुछ वर्ष पहले तक बेहद तंगी में बीत रहा था। पति की अनिश्चित प्राइवेट नौकरी से 5 सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो रहा था। वर्ष 2020 संजू राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मिशन के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और मिलेट्स से पौष्टिक उत्पाद तैयार करने की तकनीक सीखी। शुरुआत (दिसंबर 2024) NRLM से ₹20,000 का आसान ऋण लेकर उन्होंने छोटे स्तर पर मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी आदि) से कुकीज, बिस्किट, नमकीन और लड्डू बनाने का कार्य शुरू किया। शुरुआती दौर में उत्पादन और विपणन की चुनौतियां थीं, लेकिन संजू ने शुद्धता और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। धीरे-धीरे उनके बनाए मिलेट्स बिस्कुट और नमकीन स्थानीय बाजारों में काफी लोकप्रिय हो गए। आज स्वास्थ्यवर्धक श्रीअन्न उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण उनका यह सूक्ष्म उद्यम तेजी से आगे बढ़ रहा है। संजू की सफलता को देखकर गांव की अन्य महिलाएं भी उनके समूह से जुड़ीं। वर्तमान में उनके साथ 8 महिलाएं मिलकर उत्पादन कार्य में सहयोग दे रही हैं। समूह से जुड़ी कुल महिलाएं8 महिलाएं, सदस्य महिलाओं की औसत आय₹10,000 प्रति माह,संजू कुशवाहा की शुद्ध आय₹20,000+ प्रति माह (सारे खर्च निकालकर),मुख्य उत्पादमिलेट्स कुकीज, बिस्कुट, नमकीन एवं पौष्टिक लड्डू, आर्थिक स्थिति मजबूत होने से संजू के परिवार का जीवन स्तर पूरी तरह बदल गया है। अगर मुझे NRLM का मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और ऋण का सहयोग नहीं मिला होता, तो मैं इस मुकाम तक कभी नहीं पहुँच पाती। आज मेरी बड़ी बेटी लखनऊ में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही है और दोनों छोटे बच्चों को भी अच्छे स्कूल में पढ़ा पा रही हूँ। अपनी इस सफलता से उत्साहित संजू अब अपने इस कुटीर उद्योग को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं। उनकी योजना आधुनिक मशीनें स्थापित करने की है, ताकि उत्पादन क्षमता बढ़ाकर बड़े शहरों और प्रमुख बाजारों तक अपने मिलेट्स उत्पादों की आपूर्ति की जा सके।
योगी सरकार की आजीविका योजनाओं और संजू जैसी कर्मठ महिलाओं के प्रयास आज ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहे हैं।
योगी सरकार के सहारा से संजू ने भरी सपनों की उड़ान, मिलेट्स उत्पाद बनाकर बनीं आत्मनिर्भर
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