सोनभद्र (रेणुकूट ब्यूरो) स्थानीय नगर पंचायत प्रशासन की घोर उदासीनता और अड़ियल रवैये के कारण रेणुकूट वार्ड नंबर 13 (खाडपाथर) के अंतर्गत आने वाले बाबूराम महाविद्यालय के बगल वाले विस्तारित क्षेत्र के निवासी इन दिनों घने अंधेरे और खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। पिछले छह महीनों से इस पूरे इलाके की स्ट्रीट लाइटें गायब हैं, जिसके चलते सूरज ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। वर्तमान में जारी बरसात के इस मौसम में लाइट न होने से स्थानीय लोगों में सांप, बिच्छू, गोजर जैसे जहरीले जीवों के रेंगने और अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों के होने का डर चरम पर बना हुआ है। स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुख्य मार्ग पर लगभग 15 से 16 बिजली के खंभे खड़े हैं, जिनमें से महज दो-तीन खंभों पर ही नाममात्र की लाइटें जल रही हैं। बाकी सभी खंभों पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निशा बबलू सिंह के कार्यकाल में जनहित को ध्यान में रखते हुए चमचमाती लाइटें लगवाई गई थीं, जिससे पूरा इलाका रोशन रहता था। लेकिन वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष ममता सिंह के कार्यकाल में करीब छह महीने पहले, लाइटें खराब होने पर नगर पंचायत के बिजली कर्मचारी इन्हें पोल से उतार ले गए थे।कर्मचारियों ने तब मोहल्ले वासियों को यह भरोसा दिलाया था कि इन्हें जल्द ही रिपेयर (मरम्मत) कराकर वापस टांग दिया जाएगा। लेकिन विडंबना देखिए कि आधा साल बीत जाने के बाद भी आज तक उन खाली खंभों पर लाइटें वापस नहीं लग सकीं। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद स्थिति और भी नारकीय हो गई है, क्योंकि रास्तों के किनारे उगी झाड़ियों के कारण राहगीरों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूल से लौटने वाले बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह दांव पर लगी है। इस घोर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में नगर पंचायत के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में रोष व्यक्त करते हुए कहा जब छह महीने बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन एक लाइट ठीक करवाकर वापस नहीं टांग सका, तो इस उमस और बरसात के मौसम में हमें जान जोखिम में डालकर अंधेरे में रखने का क्या तुक है? अगर नगर पंचायत हमें रोशनी नहीं दे सकती, तो इन खाली और नंगे खंभों को भी उखाड़ ले जाए। सिर्फ सूखे खंभे खड़े रखकर जनता को चिढ़ाना बंद करें। ग्रामीणों ने दो टूक मांग की है कि अधिशासी अधिकारी (EO) और नगर पंचायत अध्यक्ष तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लें और पूरे वार्ड में लाइट की सुचारू आपूर्ति बहाल करें, अन्यथा वार्ड वासी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।अब देखना यह दिलचस्प होगा कि स्थानीय जनता के इस भारी आक्रोश और जनहित की इस बड़ी अनदेखी के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया रेणुकूट नगर पंचायत प्रशासन जागता है या खाडपाथर वार्ड नंबर 13 की जनता ऐसे ही खौफ, जहरीले जीवों के डर और अंधेरे की दोहरी मार झेलने को अभिशप्त रहेगी।
रेणुकूट नगर पंचायत की घोर लापरवाही वार्ड 13 में 6 महीने से अंधेरे का साम्राज्य, सांप-बिच्छू और चोरी के खौफ में कट रही रातें
Related Posts
Add A Comment

