सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के जिला सोनभद्र के अंतर्गत आने वाले बीजपुर-रेणुकूट मुख्य मार्ग से सेवकामोड होते हुए पिंडारी को जोड़ने वाली गहदु मोड़ से टेकुआ टोले तक की सड़क पिछले कई वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही से क्षुब्ध होकर बुधवार को दर्जनों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। आंदोलित जनता ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस 03 किलोमीटर लंबी जानलेवा खंडहर सड़क की मरम्मत तत्काल शुरू नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर एक बड़ा आंदोलन और चक्का जाम करने को बाध्य होंगे।प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि कई साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सड़क पर बड़ी-बड़ी सोलिंग (भारी पत्थर) डालकर छोड़ दिया था। इसके बाद ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मार्ग की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। वर्तमान स्थिति यह है कि पूरी सड़क पूरी तरह से उखड़कर खंडहर में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर बिखरे नुकीले और बड़े पत्थरों के कारण इस मार्ग पर चलना मौत को दावत देने जैसा है। इस तीन किलोमीटर के मार्ग पर रोजाना दुपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। सबसे बदतर स्थिति विद्यालय आने-जाने वाले मासूम बच्चों की है। स्कूली बच्चे आए दिन इन नुकीले पत्थरों पर गिरकर अपने हाथ-पैर जख्मी कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों में भारी डर और रोष का माहौल है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस विकट और जानलेवा समस्या को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों और संबंधित विभाग को कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी गईं। लेकिन हर बार प्रशासन की ओर से केवल खोखले आश्वासन की घुट्टी पिलाकर जनता को शांत करा दिया गया। अधिकारी सड़क निर्माण के नाम पर लगातार टालमटोल कर रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि विभाग को जनता की सहूलियत और उनकी जान की कोई परवाह नहीं है। अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। लोक निर्माण विभाग या तो इस सड़क पर बिखरी हुई जानलेवा सोलिंग को तुरंत यहाँ से हटाए या फिर सड़क का पक्का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू करवाए। हमारी जायज मांग को अब और नजरअंदाज किया गया, तो हम उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। सड़क पर उतरकर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में मुख्य रूप से स्थानीय नागरिक व सम्मानित ग्रामीण शामिल रहे, जिनमें,सोहन लाल जायसवाल ,संगीता,
राजकुमारी, ब्रजमोहन, जिरमन, लीलावती,
उर्मिला, अरविंद, दयाशंकर, रमेश, सीतादेवी,
बसन्ती, इस दौरान भारी संख्या में अन्य स्थानीय ग्रामीण, राहगीर और महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में जिला प्रशासन और जिलाधिकारी सोनभद्र से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और जनहित में सड़क का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने की पुरजोर मांग की है।
सोनभद्र PWD की लापरवाही के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 3 KM खंडहर सड़क को लेकर प्रदर्शन, चक्का जाम की चेतावनी
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