सोनभद्र | जनपद में विकास परियोजनाओं को गति देने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं और ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के साथ नर्सिंग स्टाफ की तैनाती और उनसे जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नर्सिंग स्टाफ से जुड़ी जो भी समस्याएं जनपद स्तर पर हल की जा सकती हैं, उनका निराकरण तत्काल सुनिश्चित किया जाए। जिन प्रकरणों में शासन की अनुमति या कार्यवाही अपेक्षित है, उनके लिए बिना विलंब किए पत्राचार किया जाए ताकि मेडिकल कॉलेज का संचालन निर्बाध रूप से हो सके।स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी जिलाधिकारी की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग द्वारा जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि से कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गुणवत्ता मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच IIT (आई.आई.टी.) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से अनिवार्य रूप से कराई जाए।अन्य परियोजनाओं के लिए विशेष टीमों का गठन कर नियमित निरीक्षण किया जाए। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। जिलाधिकारी ने साफ किया कि गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट संतोषजनक होने के बाद ही भुगतान या अगली कार्यवाही की जाएगी।इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह, सीनियर माइंस ऑफिसर कमल कश्यप, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतपाल वर्मा, और ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के अधिशासी अभियन्ता नूर आलम सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सोनभद्र जिलाधिकारी ने परखी विकास कार्यों की रफ़्तार, मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं के समाधान हेतु दिए कड़े निर्देश
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