सोनभद्र (20 जुलाई 2026)। जनपद सोनभद्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने, भूजल स्तर को सुधारने और किसानों की कृषि आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति एवं डब्ल्यूसीडीसी (WCDC) समिति की संयुक्त बैठक में किसानों के हित में कई बड़े और महत्वाकांक्षी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक के दौरान जिले में सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और अनुपयोगी भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी (रॉबर्ट्सगंज) ने जानकारी देते हुए बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत सोनभद्र जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 1000 हेक्टेयर बीहड़, बंजर, ढालू और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधि से उपचार (उपजाऊ बनाने की प्रक्रिया) कराया जाएगा। इस कदम से वर्षों से बेकार पड़ी भूमि कृषि योग्य बन सकेगी, जिससे स्थानीय किसानों को सीधी खेती का लाभ मिलेगा।
जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (खेत तालाब योजना) के तहत जिले भर में 50 लघु खेत तालाबों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खेत तालाब योजना का लाभ पूरी तरह पारदर्शी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों का चयन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के उपरांत ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। खेत तालाबों के बनने से मॉनसून के दौरान वर्षा जल का संचयन हो सकेगा, जिससे आसपास के भूजल स्तर में सुधार आएगा और सूखा प्रभावित दिनों में किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सोनभद्र के किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और जल संकट को दूर करना है। खेत तालाब निर्माण और भूमि उपचार से कृषि उत्पादन बढ़ेगा। योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाएगी। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे हों; किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति की बैठक के दौरान प्रस्तुत किए गए सभी विकास प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। बैठक में मुख्य रूप से जागृति अवस्थी (मुख्य विकास अधिकारी) राजकुमार (उप कृषि निदेशक) सरिता सिंह (उपायुक्त स्वतः रोजगार) नमिता शरण (जिला पंचायत राज अधिकारी) वीरेंद्र कुमार (जिला कृषि अधिकारी) सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) भूमि संरक्षण अधिकारी (रॉबर्ट्सगंज एवं चोपन) सहित कृषि, सिंचाई और भूमि संरक्षण विभाग के अन्य अधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सोनभद्र भूमि एवं जल संरक्षण योजनाओं से संवरेगी किसानों की तकदीर, 1000 हेक्टेयर भूमि का होगा उपचार
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