सोनभद्र। जनपद की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, बहुमूल्य वनक्षेत्र और स्थानीय पारिस्थितिकी को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित जंगल बचाओ अभियान में आज एक अभूतपूर्व उत्साह और जन-सैलाब देखने को मिला। इस महत्वपूर्ण और दूरगामी कार्यक्रम में टीम निशा बबलू सिंह के सदस्यों ने भारी संख्या में सक्रिय रूप से भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल वनों को अंधाधुंध कटान से बचाना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना भी है। कार्यक्रम के मुख्य संचालक विजय प्रताप सिंह (डब्लू सिंह) ने मंच से उपस्थित विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए तेजी से बिगड़ते पर्यावरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की।उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा पर्यावरण को बचाना किसी एक व्यक्ति, संगठन या केवल सरकारी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का परम सामूहिक और नैतिक दायित्व है। आज ग्लोबल वार्मिंग, भीषण गर्मी और मौसम चक्र में जो अप्रत्याशित बदलाव हम सब देख रहे हैं, वह प्रकृति और वनों के साथ की गई अत्यधिक मानवीय छेड़छाड़ का ही सीधा नतीजा है। यदि हम आज भी सचेत नहीं हुए, तो आने वाला समय बेहद भयावह होगा। डब्लू सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज इस मंच से लिया गया संकल्प केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारे आने वाले कल और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। टीम निशा बबलू सिंह की गरिमामयी उपस्थिति के बीच, मुख्य संचालक डब्लू सिंह ने सोनभद्र के हर गांव, शहर, कस्बे और देहात के युवा साथियों से एक भावुक और गंभीर अपील की। उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए याद दिलाया कि सोनभद्र अपनी अनूठी भौगोलिक विशिष्टता के लिए जाना जाता है, जिसे बचाना आज वक्त की सबसे बड़ी मांग है। सोनभद्र के ऊंचे-ऊंचे पहाड़, औषधीय वनस्पतियां, अनेकों प्रकार के मनोरम झरने, अनछूई ऐतिहासिक गुफाएं, बेहतरीन मौसम और शुद्ध हवाएं ही इस माटी की असली पहचान हैं। यदि आज की युवा पीढ़ी ने इस जंगल बचाओ संघर्ष में अपना एक कदम आगे नहीं बढ़ाया, तो आने वाली पीढ़ी कभी नहीं जान पाएगी कि सोनभद्र कभी इतना सुंदर और समृद्ध था। वे इन प्राकृतिक सुखद अनुभवों और शुद्ध वातावरण से हमेशा के लिए वंचित रह जाएंगे। उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा, युवा भाइयों, यह समय हाथ पर हाथ धरे बैठने का नहीं है। आप सभी सोनभद्र के युवा साथी एक कदम आगे बढ़ाएं ताकि हमारी जन्मभूमि का भविष्य सुरक्षित रह सके। कार्यक्रम के अंतिम चरण में वहाँ उपस्थित युवाओं, प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों में एक अद्भुत वैचारिक क्रांति देखने को मिली। सभी ने एक सुर में खड़े होकर वन, वन्यजीव और संपूर्ण प्रकृति की रक्षा करने की सामूहिक शपथ ली। इस दौरान विशेष रूप से पंच-पौधा संकल्प लिया गया। इसके तहत हर एक उपस्थित व्यक्ति ने जिम्मेदारी ली कि वे आगामी पौधारोपण सीजन में अनिवार्य रूप से कम से कम पांच-पांच पौधे लगाएंगे और केवल लगाएंगे ही नहीं, बल्कि उनके पूरी तरह बड़े होने तक उनकी देखरेख और सुरक्षा का पूरा जिम्मा उठाएंगे।
यह कार्यक्रम सोनभद्र के चप्पे-चप्पे में पर्यावरण चेतना की एक नई अलख जगाने में पूरी तरह कामयाब रहा।कार्यक्रम के भव्य समापन के अवसर पर आयोजक मंडल ने टीम निशा बबलू सिंह के सभी समर्पित सदस्यों, सम्मानित आगंतुकों और पर्यावरण प्रेमियों के प्रति सहृदय आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। यह अभियान पूरे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है और एक स्पष्ट दिशा-निर्देश भी कि प्रकृति सुरक्षित है, तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित है।
सोनभद्र में जंगल बचाओ का महाअभियान पर्यावरण संरक्षण के लिए टीम निशा बबलू सिंह का जोरदार आह्वान
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