ओबरा/सोनभद्र (21 जुलाई 2026)। ओबरा तापीय विद्युत परियोजना क्षेत्र अंतर्गत रामदास होटल से सेक्टर-3 को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नाले की समय पर सफाई न होने और उसमें जमा कचरे व जलकुंभी के कारण जल निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई, जिससे पानी का तेज प्रवाह सीधे पक्की सड़क की ओर मुड़ गया। पानी के इस प्रचंड बहाव ने डामर की मजबूत सड़क को पूरी तरह काटकर उखाड़ दिया। मार्ग गहरे गड्ढों, बड़े पत्थरों और मलबे में तब्दील हो गया है, जिससे परियोजना कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों का संपर्क कट गया है। सड़क के ध्वस्त होने से आसपास की कॉलोनियों, ग्रामीण इलाकों के निवासियों, विद्यार्थियों तथा ओबरा तापीय परियोजना में ड्यूटी पर जाने वाले इंजीनियरों व कर्मचारियों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
मार्ग बंद होने का सबसे भयानक असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक परिवार प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला (डिलीवरी पेशेंट) को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहा था, लेकिन सड़क पर फैले मलबे और कटे हुए गड्ढों में उनकी गाड़ी फंस गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने जान जोखिम में डालकर भारी मशक्कत के बाद वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला।जल के तेज बहाव और मिट्टी के भीषण धंसाव से न केवल सड़क बही है, बल्कि क्षेत्र की विद्युत व जलापूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई है।सड़क के किनारे की मिट्टी बह जाने से कई कंक्रीट और लोहे के स्ट्रीट लाइट पोल उखड़कर गिर गए। कटाव इतना गहरा था कि सड़क के नीचे बिछी मुख्य पेयजल आपूर्ति लाइन और भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल नेटवर्क क्षतिग्रस्त होकर हवा में लटक गया है, जिससे जलापूर्ति व बिजली ठप होने का संकट गहरा गया है। घटना की सूचना मिलते ही ओबरा तापीय विद्युत परियोजना के सिविल व मेंटेनेंस विभाग के अधिकारी, तकनीकी टीम और ठेकेदार जेसीबी मशीनों व श्रमिकों के साथ मौके पर पहुंचे। नाले के मुहाने पर फंसे कचरे व जलकुंभी को हटाकर पानी के प्रवाह को मोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा क्षति का आकलन तो किया जा रहा है, लेकिन पक्की सड़क के पुनर्निर्माण और पेयजल व बिजली आपूर्ति की शत-प्रतिशत बहाली को लेकर कोई निश्चित समय-सीमा (डेडलाइन) घोषित नहीं की गई है।
ओबरा वासियों और कर्मचारियों ने मांग की है कि केवल खानापूर्ति करने के बजाय नाले का स्थायी चौड़ीकरण कराया जाए तथा ध्वस्त सड़क का मजबूत निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि आए दिन होने वाले हादसों पर रोक लग सके।
ओबरा में मूसलाधार बारिश का कहर नाला अवरुद्ध होने से रामदास होटल-सेक्टर 3 मार्ग ध्वस्त
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