वाराणसी के मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा में आई आई ए के कार्यालय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें पश्चिम एशिया संकट से एमएसएमई प्रभावित पर सरकार की ओर से अधिक राहत की उम्मीद पर उद्योग से जुड़े लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी भू राजनीति तनाव का असर भारतीय व्यापार और उद्योग जगत में साफ दिखने लगा है बैठक के संवाद में यह सामने आया की बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें सप्लाई चैन में बढ़े और लॉजिस्टिक्स लागत में उछाल ने खास कर एमएसएमई सेक्टर की कमर तोड़ना शुरू कर दी है आई आई ए का कहना है कि छोटे व्यापारियों के लिए हालात अब सर्वाइवल चैलेंज बनते जा रहे हैं मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच एमएसएमई सेक्टर की सबसे बड़ी चिंता उत्पादन लागत को लेकर आ रही है रा मैटेरियल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने उत्पादन लागत को काफी बढ़ा दिया है जिसका असर छोटे और मध्यम उद्योगों पर पढ़ रहा है साथ ही कार्यशील पूंजी पर बढ़ता दबाव कारोबार के संचालक को और कठिन बना रहा है जिससे कई इकाइयों को अपने दैनिक खर्च और उत्पादन चक्र को बनाए रखना चुनौती पूर्ण हो गया है बैठक की अध्यक्षता करते हुए आई आई ए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर के चौधरी ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर इस समय दोहरे दबाव में है एक तरफ बढ़ती लागत और दूसरी तरफ घटती मांग ऐसे में कार्यशील पूंजी की कमी और ऋण भार बढ़ता छोटे उद्योगों के लिए गंभीर संकट का संकेत है सरकार के अब तक के प्रयासों ने बाजार में स्थिरता बनाए रखी है लेकिन बदलते वैश्विक हालात को देखते हुए और त्वरित नीतिगत हस्तक्षेप की जरूरत है तो आई आई ए के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बजाज ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से रा मैटेरियल मंहगा हो गया है जिससे छोटे उद्योगों के लिए कास्टिंग निकालना तक मुश्किल हो रहा है मौजूदा हालात में सब्सिडी और प्राइस कंट्रोल पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है ताकि सबसे ज्यादा प्रभावित उद्योगों को सर्वाइव करने के लिए जरूरी सहारा मिल सके बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य राजेश भाटिया ने कहा कि जॉब वर्क की लागत 2 से 3 गुना तक बढ़ चुकी है जिससे पहले मिले आडर्स को समय पर पूरा करना बेहद मुश्किल हो गया है ऐसे में सरकार निर्यातकों को तुरंत फ्रेट सब्सिडी बढ़ाकर उद्योगों को राहत देनी चाहिए वहीं राष्ट्रीय सचिव अनुपम देव ने कहा कि लगातार बढ़ती लागत का सीधा असर अब प्रोडक्ट की कीमतों पर दिखने लगा है ऐसे में यदि लागत नियंत्रण और राहत उपाय नहीं किए गए तो बाजार में अंशतुलन बनेगा बैठक में वाराणसी चैप्टर के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि बढ़ती लागत का सबसे अधिक असर लघु और सूक्ष्म उद्योगों पर पढ़ रहा है बैठक में वाराणसी मंडल अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल मनीष कटारिया नीरज पारीक राहुल मेहता आदि लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दी
और कहा कि एमएसएमई इकाइयों को देश के समग्र विकास में अहम योगदान है लगभग 665000 इकाइयां 28 करोड़ से ज्यादा रोजगार तथा 30.1 जीडीपी में योगदान देती है जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है ऐसे में इस सेक्टर को बचाने की नितांत आवश्यकता है बैठक के माध्यम से उद्योग जगत की प्रमुख मांग करते हुए कहा कि लोन मोरटोरियम और पुनभुर्गतान में रहता विशेष क्रेडिट गारंटी योजना लागू करना अत्यंत लाभदायक तथा सराहनी है परंतु ब्याज दरों को वर्तमान ब्याज दरों की अनुरूप 8% किया जाए तथा प्रभावित उद्योगों के लिए ब्याज सब्सिडी एवं ईंधन और कच्चे माल की कीमत पर निगरानी निर्यातकों के लिए फ्रेट और बीमा सहायता त्वरित रिफंड जीएसटी ड्यूटी सुनिश्चित हो बेस्ट एशिया इंपेक्ट एसेसमेंट एवं रिस्पांस टॉक्स फोर्स मांगे रही बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा अपने संबोधन में देशवासियों से सात सूत्रीय कार्यक्रमों को अमल में लाने का आवाहन किया है जिसमें लिए पूरी तरह प्रधानमंत्री जी के दिखाएं रास्तों पर अमल करते हुए देश की आर्थिक समृद्धि एवं सुद्ण अर्थव्यवस्था के लिए संकल्पित होकर कार्य करेगा बैठक में प्रमुख रूप से यू आर सिंह विपिन अग्रवाल अनुज डीडवानिया अवधेश गुप्ता बृजेश केसरी अजय जायसवाल विशाल जायसवाल राजीव अग्रवाल आदि लोग रहे
पश्चिम एशिया संकट से एमएसएमई प्रभावित पर आईआईए द्वारा हुआ संगोष्ठी
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