सोनभद्र रॉबर्ट्सगंज -बढ़ते प्रदूषण और अनियंत्रित रूप से हो रही जंगलों की कटाई के बीच पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर इकट्ठा हुए पर्यावरण बैंक संस्थान के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पेड़ से ही प्राण अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान संस्था से जुड़े लोगों ने आम जनता से पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संस्था की सदस्य क्रांति सिंह ने तेजी से कट रहे पेड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में कंक्रीट के जंगल बढ़ते जा रहे हैं और हरे-भरे पेड़ गायब हो रहे हैं, जो मानव सभ्यता के लिए एक बड़ा खतरा है। देश को प्रदूषण से आजादी दिलाना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी नागरिकों का सामूहिक कर्तव्य है। अगर हम आज नहीं जागे, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को सांस लेने के लिए साफ हवा तक नसीब नहीं होगी। पेड़ नहीं होंगे तो भविष्य में मानव जीवन पूरी तरह संकट में पड़ जाएगा। अपने संबोधन में क्रांति सिंह ने कोरोना काल के उस भयावह दौर की याद दिलाई, जब पूरा देश ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि उस आपदा ने हमें सिखाया कि जीवन के लिए ऑक्सीजन कितनी अनमोल है। प्रकृति हमें यह मुफ्त में देती है, लेकिन हम इसकी अहमियत भूलते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पीपल, बरगद और नीम जैसे अधिक से अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाएं और उनकी रक्षा करें। संस्था ने विकास की अंधी दौड़ पर बात करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है, लेकिन यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों साथ-साथ चलने चाहिए। केवल पौधे लगाकर औपचारिकता पूरी करने की आदत को बदलना होगा। पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी उनका संरक्षण करना है, ताकि वे बड़े होकर एक वृक्ष का रूप ले सकें। पर्यावरण बैंक संस्थान की तरह ही आम लोगों से भी अपने जीवन के खास दिनों को यादगार बनाने की अपील की गई। संस्था ने आह्वान किया कि लोग अपने या अपने बच्चों के जन्मदिन और पूर्वजों की पुण्यतिथि पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं। यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छा होगा, बल्कि उन यादों को भी हमेशा के लिए जीवंत रखेगा। सनातन परंपरा और शास्त्रों का हवाला देते हुए संस्था के सदस्यों ने नारा दिया कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान है। जिस प्रकार एक सुयोग्य संतान पूरे परिवार का नाम रोशन और रक्षा करती है, उसी प्रकार एक पेड़ कई पीढ़ियों को जीवनदायिनी हवा, फल और छाया देता है। संस्था ने साफ संदेश दिया कि जब हम पेड़ों की रक्षा करेंगे, तभी पेड़ हमारी रक्षा करेंगे। इस मौके पर स्वर्ण जयंती चौक पर भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और संस्था के कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने पर्यावरण को बचाने की शपथ ली।
पेड़ से ही प्राण अभियान के तहत पर्यावरण बैंक संस्थान ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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