(गाजीपुर)। पीजी कॉलेज भुड़कुड़ा में ब्रह्मलीन महंत रामाश्रय दास जी की प्रतिमा स्थापना के लिए एकत्रित की गई चंदा राशि को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा चंदा देने वाले लोगों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीजी कॉलेज भुड़कुड़ा के प्राचार्य प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में महाविद्यालय परिसर में ब्रह्मलीन महंत रामाश्रय दास जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए क्षेत्र के लोगों से चंदा एकत्रित किया गया था। चंदा संग्रह के दौरान दानदाताओं से यह आश्वासन दिया गया था कि 2100 रुपये या उससे अधिक की राशि देने वाले सभी लोगों के नाम शिलापट्ट पर अंकित किए जाएंगे।
आरोप है कि प्रतिमा स्थापना के लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक कई दानदाताओं के नाम शिलापट्ट पर दर्ज नहीं किए गए हैं। इसके अलावा, चंदा राशि के कुल संग्रह और उसके व्यय का विवरण न तो महाविद्यालय की प्रबंध समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और न ही महाविद्यालय परिवार को इसकी जानकारी दी गई है।
वहीं, प्रतिमा स्थल के सामने एक दानपात्र स्थापित किए जाने पर भी आपत्ति जताई जा रही है। विरोध करने वालों का कहना है कि सिद्धपीठ भुड़कुड़ा मठ की संत परंपरा में इस प्रकार दानपात्र रखकर धन संग्रह करने की परंपरा नहीं रही है और यह मठ की परंपराओं के विपरीत है।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा दानदाताओं द्वारा चंदा राशि के संग्रह और व्यय का सार्वजनिक विवरण जारी करने की मांग की जा रही है।

