ओबरा/सोनभद्र। आशीष मिश्रा। विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर जनपद सोनभद्र के ओबरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पनारी ग्राम पंचायत के खरड़ गाँव में आदिवासी समाज द्वारा एक विशाल सामाजिक चेतना कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साह, उमंग और भव्यता के साथ किया गया। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाले इस आकांक्षी जिले के पनारी ग्राम पंचायत (जिसमें कुल 63 टोले आते हैं) के कोने-कोने से बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे से हुआ। बभनी के जनजातीय कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात ओबरा विधायक व उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री माननीय संजीव कुमार गोंड सायं 4:00 बजे मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम स्थल पहुँचे। उनके साथ यूपी एससी/एसटी आयोग के उपाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री) जीत सिंह खरवार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।आदिवासी समाज के लोगों ने मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप, मनमोहक कर्मा नृत्य, पारंपरिक तीर-धनुष तथा वनों की पत्तियों व प्राकृतिक फूलों से बनी मालाओं से अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। इसके उपरांत पूजन स्थल पर स्थित प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक विधि-विधान से पूजन व आरती संपन्न की गई। एक ओर जहाँ आदिवासी दिवस पर जनजातीय संस्कृति, अधिकारों और चेतना का उत्सव मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर पनारी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने क्षेत्र की अत्यंत गंभीर और विकराल समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षण कराया। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि हर घर नल योजना के तहत टोटियाँ लगे 4 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन नलों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। जहाँ कभी आपूर्ति होती भी है, वहाँ सप्ताह में मात्र 2 से 4 दिन अनियमित पानी आता है, जिससे भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बने कई मकान घटिया निर्माण के कारण जर्जर हो चुके हैं। इसके अलावा कई टोले आज भी बिजली की रोशनी को तरस रहे हैं। दुर्गम इलाका होने के कारण क्षेत्र में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या है, जिससे ग्रामीण व छात्र-छात्राएं बाहरी दुनिया और ऑनलाइन सरकारी सुविधाओं से कटे हुए हैं। क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का बुरा हाल है। पूर्व में चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें लंबे समय से बंद हैं। नतीजतन ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पिकअप गाड़ियों में 30 से 40 की संख्या में ठंसकर यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे आए दिन जानलेवा हादसे हो रहे हैं। पथरीली और पहाड़ी भूमि होने के कारण यहाँ खेती-किसानी बेहद कठिन है। आरोप है कि लघु सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली में भारी अनियमितता है। उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2022 में ग्रामीण राममनोज के घर पर खोदा गया सिंचाई कुआं मात्र 32 फीट पर ही अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे पानी नहीं निकला। शिकायतों के बावजूद विभाग मौन है। विश्व आदिवासी दिवस के इस भव्य आयोजन ने जहाँ एक तरफ जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों की अलख जगाई, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक दावों से इतर आकांक्षी जिले सोनभद्र के इस दुर्गम और विशाल ग्राम पंचायत में बुनियादी सुविधाओं की त्वरित बहाली की नितांत आवश्यकता को रेखांकित कर दिया।
विश्व आदिवासी दिवस पर पनारी के खरड़ गाँव में सामाजिक चेतना कार्यक्रम की धूम बदहाली के सवालों से घिरा आकांक्षी जिला
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