मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स सेवा निगम के गठन, ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती व समयबद्ध वेतन की दी सौगात
विकास भवन में सजीव प्रसारण के दौरान जमकर बजीं तालियां सफाई कार्मिकों को टूल किट व निर्माण श्रमिकों को मिले डेमो चेक
विधायक सदर भूपेश चौबे ने कहा- विकास की मजबूत कड़ी हैं श्रमिक, पूरी व्यवस्था होगी डिजिटल व पारदर्शी
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ का निर्देश हर पात्र श्रमिक तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, एजेंसियों की बेवजह कटौती पर लगेगा अंकुश
सोनभद्र । अजीत प्रताप सिंह। श्रम के सम्मान, सेवा की सुरक्षा और आउटसोर्स एवं निर्माण श्रमिकों के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के संबोधन का सजीव प्रसारण विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में देखा एवं सुना गया। संबोधन के दौरान जब मुख्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग कार्मिकों के हित में उत्तर प्रदेश राज्य आउटसोर्स सेवा निगम के गठन, पारदर्शी ऑनलाइन भर्ती व्यवस्था, 5 तारीख तक मानदेय भुगतान, ईपीएफ/ईएसआई सुरक्षा तथा वेतन वृद्धि की घोषणा की, तो सभागार में मौजूद सैकड़ों कार्मिकों और श्रमिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद अतिथियों द्वारा नगर पंचायत के सफाई कार्मिकों को स्वच्छता टूल किट तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को श्रम कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि के डेमो चेक वितरित किए गए। सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर श्रमिकों के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित जनप्रतिनिधि व अधिकारी भूपेश चौबे (माननीय विधायक, सदर सोनभद्र) चर्चित गौड़ (जिलाधिकारी, सोनभद्र) जागृति अवस्थी (मुख्य विकास अधिकारी) अजीत रावत (ब्लॉक प्रमुख, सदर) संजीव त्रिपाठी (माननीय मंत्री जी के प्रतिनिधि) वागीश कुमार शुक्ला (अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व) हेमंत कुमार सिंह (जिला विकास अधिकारी) आकांक्षा गौतम (उप जिलाधिकारी मुख्यालय) समारोह को संबोधित करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि श्रमिक और आउटसोर्स कर्मचारी प्रदेश के नवनिर्माण और विकास की रीढ़ हैं। सरकार इनके सम्मान, अधिकारों और आर्थिक सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। अब आउटसोर्स कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन, मेरिट और योग्यता के आधार पर होगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी और बीमा का डिजिटल प्रबंधन होगा। कार्मिक अपने बैंक खाते, ईपीएफ कटौती और वेतन का विवरण एक ही पोर्टल पर देख सकेंगे।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक पात्र श्रमिक तक पहुँचाना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने व्यवस्था की मुख्य बातें बताईं कार्मिकों का मानदेय हर महीने की 5 तारीख तक सीधे उनके बैंक खातों में जाएगा। आउटसोर्सिंग एजेंसियां अब सर्विस चार्ज या अन्य किसी नाम पर कार्मिकों के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेंगी। ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान समय से जमा होगा। महिला कार्मिकों को मातृत्व अवकाश समेत सभी वैधानिक लाभ मिलेंगे। बैंकिंग व्यवस्था व निगम के माध्यम से कार्मिकों को दुर्घटना बीमा व अन्य वित्तीय सुरक्षा दी जाएगी।
पोर्टल पर ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और तय सीमा के भीतर उसके निस्तारण की पारदर्शी व्यवस्था की गई है। सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम की आधिकारिक वेबसाइट के लोकार्पण को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि अब बिचौलियों व एजेंसियों के माध्यम से होने वाली परेशानियों से कार्मिकों को स्थायी मुक्ति मिलेगी। माननीय मंत्री प्रतिनिधि संजीव त्रिपाठी ने भी आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय, ई-गवर्नेंस व सामाजिक सुरक्षा के फैसलों पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

