रॉबर्ट्सगंज/सोनभद्र
जनपद सोनभद्र में आम जनमानस को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जिले की प्रमुख आटा निर्माण इकाइयों पर औचक छापेमारी एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न मिलों से आटे के नमूने संग्रहित कर जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला (लैब) प्रेषित किए गए।
आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी पत्रांक आदेश (दिनांक 03.08.2026) के तहत समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और अन्य जिलों में हुई कार्यवाहियों के आधार पर यह बात सामने आई थी कि बाजार में बिक रहे आटे में शैलखड़ी और सस्ते चावल की मिलावट की जा रही है। इसी गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए विभागीय टीम ने बुधवार (05 अगस्त 2026) को क्षेत्र की आटा निर्माण इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। टीम ने परिसर का निरीक्षण कर साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य पदार्थों को अनिवार्य रूप से पैलेट पर व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। यहां से 5 किग्रा के सीलबंद पैकेट को खोलकर नियमानुसार आटे का सैंपल लिया गया। निरीक्षण के दौरान परिसर में कई प्रकार की कमियां पाई गईं, जिस पर विभाग द्वारा तत्काल सुधार सूचना जारी की गई। यहां से भी 5 किग्रा आटे का नमूना लिया गया। दोनों प्रतिष्ठानों से सैंपल लेने के बाद शेष बचे 3-3 किग्रा के पैकेटों को मौके पर सीज कर निर्माण इकाइयों के स्वामियों की अभिरक्षा में दे दिया गया। घोरावल स्थित इस इकाई का निरीक्षण करते हुए गेहूं के आटे का सैंपल संग्रहित किया गया और परीक्षण हेतु खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सभी संग्रहित नमूनों को जांच के लिए संबंधित राजकीय लैब भेज दिया गया है। खाद्य विश्लेषक से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत यदि आटे में किसी भी प्रकार की मिलावट या अमानकता पाई जाती है, तो संबंधित मिलावटखोरों व मिल स्वामियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से जिले के खाद्य कारोबारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप व्याप्त है।
सोनभद्र खाद्य सुरक्षा विभाग का आटा निर्माण इकाइयों पर छापा जांच के लिए भेजे गए सैंपल, पाई गई कमियां
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