डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह
राज्यमंत्री संजीव गौड़, सदर विधायक भूपेश चौबे और डीएम चर्चित गौड़ ने शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित
बेसिक शिक्षा विभाग के 44 तथा माध्यमिक शिक्षा के 24 उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला सम्मान
सोनभद्र। अजीत प्रताप सिंह। भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पावन जयंती के अवसर पर शनिवार को जनपद सोनभद्र में शिक्षक दिवस अत्यंत गरिमामय एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़, विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, जिला पंचायत सदस्य सजीव त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा, सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत तथा जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं शिक्षक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का बीजारोपण भी करते हैं। आज शिक्षकों का यह सम्मान वास्तव में राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान है। सदर विधायक भूपेश चौबे ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा और शिक्षक की महत्ता को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया। शिक्षक विद्यार्थियों को सही दिशा देकर उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करते हैं। उन्होंने जिले के सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा शिक्षक देश के भविष्य को आकार देने वाले वास्तविक राष्ट्रनिर्माता हैं। विद्यालय में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता, रचनात्मक सोच एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी उनका प्रमुख दायित्व है। जिन शिक्षकों को आज सम्मानित किया गया है, उनका उत्कृष्ट कार्य अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। समारोह के दौरान जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल नवाचार तथा पठन-पाठन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले माध्यमिक शिक्षा विभाग के 24 तथा बेसिक शिक्षा विभाग के 44 शिक्षकों (कुल 68 शिक्षकों) को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने सभी सम्मानित शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

