ओबरा, सोनभद्र /ब्यूरो/ दृष्टि उजागर समाचार टाइम्स/(15 जुलाई 2026)। जनपद में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने और पीड़ितों को तत्काल राहत दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, अभिषेक वर्मा के निर्देशन में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के कुशल पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक ओबरा सदानन्द राय के नेतृत्व में थाना ओबरा पुलिस की साइबर टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने त्वरित एवं तकनीकी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित युवक के खाते से उड़ाए गए ₹20,000 सफलतापूर्वक वापस करा दिए हैं। अपनी गाढ़ी कमाई वापस पाकर पीड़ित और उसके परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने ओबरा पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओबरा के सेक्टर-02 निवासी सुमित गुप्ता पुत्र गौतम प्रसाद गुप्ता ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OLX पर अपनी कुछ पुरानी पुस्तकें बेचने के लिए एक विज्ञापन पोस्ट किया था। विज्ञापन देखने के बाद एक शातिर अज्ञात साइबर ठग ने खरीदार बनकर सुमित से संपर्क साधा। ठग ने सुमित को अपने झांसे में लिया और कहा कि वह एडवांस पैसे भेज रहा है। उसने विश्वास जीतने के लिए एक QR Code भेजा और दावा किया कि इसे स्कैन करते ही दोगुना पैसा खाते में आ जाएगा। ठग के बहकावे में आकर जैसे ही सुमित ने अपने मोबाइल से उक्त QR Code को स्कैन किया, वैसे ही उसके बैंक खाते से ₹20,000 की धनराशि साफ हो गई। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल इसकी शिकायत ओबरा थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही ओबरा पुलिस की साइबर टीम तत्काल एक्शन मोड में आ गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए आवश्यक तकनीकी और विधिक प्रक्रिया अपनाई। ट्रांजैक्शन को ट्रैक करते हुए पुलिस ने संबंधित पेमेंट गेटवे/बैंक से संपर्क किया और ठगी गई ₹20,000 की पूरी धनराशि को होल्ड कराकर वापस आवेदक के बैंक खाते में रिफंड करा दिया। इस सफलता के बाद थाना ओबरा पुलिस ने आमजन को जागरूक करते हुए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। किसी भी अनजान व्यक्ति या खरीदार के कहने पर कभी भी कोई QR Code स्कैन न करें। क्यूआर कोड का इस्तेमाल सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी नहीं। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं। तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। ठगी होने के शुरुआती 1 से 2 घंटों (गोल्डन ऑवर) के भीतर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई रकम वापस मिलने की गुंजाइश 90% तक बढ़ जाती है। सफलतापूर्वक पीड़ित के पैसे वापस दिलाने वाली इस साइबर टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे।प्रभारी निरीक्षक सदानन्द राय (थाना ओबरा, सोनभद्र) कांस्टेबल पंकज पाल (थाना ओबरा, सोनभद्र) महिला कांस्टेबल अर्चना (थाना ओबरा, सोनभद्र) कांस्टेबल प्रतीक मिश्रा (थाना ओबरा, सोनभद्र)
कांस्टेबल महेन्द्र कुमार (थाना ओबरा, सोनभद्र)
ओबरा पुलिस का सराहनीय कार्य साइबर ठगी के शिकार युवक के ₹20,000 कराए वापस, पीड़ितों के खिले चेहरे
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