ओबरा, सोनभद्र। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान में सोनभद्र जिले के पतंजलि के समस्त संगठनों द्वारा 25 दिवसीय सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर (20 मई से 15 जून 2026) का आयोजन स्थानीय स्तर पर बेहद सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इसी क्रम में 5 जून 2026 को शिविर के 15वें दिन मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण, योग चेतना और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। शिविर के 15वें दिन मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सेविका समिति सोनभद्र की जिला कार्यवाहिका आदरणीय बहन गीतांजलि चौबे, पतंजलि महिला समिति सोनभद्र (दक्षिणी क्षेत्र) की जिला प्रभारी बहन ममता श्रीवास्तव एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के सम्मानित सदस्य भाई सुनीत खत्री उपस्थित रहे। सत्र की शुरुआत में पतंजलि महिला समिति की जिला प्रभारी ममता जी के नेतृत्व में योग शिक्षिका बहनों—गीता यादव, मंजू, किरन, उर्मिला, प्रियंका, रेखा और कुसुम ने मुख्य अतिथियों को भगवान राधा-कृष्ण की प्रतिमा और योग स्वाध्याय पुस्तक भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन व सम्मान किया। सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बहन गीतांजलि चौबे ने बेहद सरल और मर्मस्पर्शी भाषा में योग के महत्व को रेखांकित किया।आज की इस आपाधापी और भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हम सभी बहनों और हमारे परिवारों के लिए अत्यंत जरूरी है। योग वास्तव में एक ‘प्राण औषधि’ है, जिसके नियमित अभ्यास से केवल लाभ ही लाभ मिलता है। उन्होंने परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए स्थानीय नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भाई वीरेंद्र योगी और बहन ममता ने सोनभद्र जिले के न केवल सार्वजनिक स्थानों पर, बल्कि घर-घर जाकर लोगों को योग सिखाया है। इस शिविर के माध्यम से निश्चित रूप से क्षेत्र की सैकड़ों बहनों को स्वास्थ्य लाभ मिला होगा। 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर शिविर में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने पर्यावरण की रक्षा के लिए एक बड़ा संकल्प लिया। मुख्य अतिथि के आह्वान पर सभी ने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने की प्रतिज्ञा ली इस दौरान बताया गया कि विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 1972 में की गई थी। मनुष्य और प्रकृति के बीच का संबंध अटूट है। प्रसिद्ध विचारक लियो टॉल्स्टॉय के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा गया कि मनुष्य और पर्यावरण के बीच का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण है,यदि हमें शुद्ध हवा, पानी और भोजन चाहिए, तो प्रकृति की रक्षा करनी ही होगी। इस पावन अवसर पर ओबरा नगर की अध्यक्षा श्रीमती चांदनी देवी, जिला कार्यवाहिका बहन गीतांजलि जी, योग शिक्षिका गीता यादव, मंजू, उर्मिला, रेनू देवी, प्रियंका सिंह, रानी, किरन और सुधा ने मिलकर चिल्ड्रेन पार्क में आँवला, बेल और कनेर के पौधों का रोपण किया। पतंजलि महिला समिति की जिला प्रभारी बहन ममता श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बहनों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बताया कि इस 25 दिवसीय शिविर के समापन के बाद, यहाँ से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली योग शिक्षिका बहनों को उच्च स्तरीय योग प्रशिक्षण के लिए हरिद्वार (पतंजलि योगपीठ) भेजा जाएगा, जहाँ वे पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के प्रत्यक्ष सानिध्य में योग की बारीकियों को सीखेंगी। महिला पतंजलि समिति के विस्तार को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। आगामी 08, 09 और 10 जून 2026 को प्रयागराज में पतंजलि महिला समिति की जिला प्रभारियों की एक अत्यंत आवश्यक तीन दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला/बैठक आयोजित होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में सोनभद्र जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए 10 चयनित योग शिक्षिका बहनें प्रयागराज प्रस्थान करेंगी। आज के इस विशेष सत्र का कुशल और सफल संचालन योग शिक्षिका बहन गीता यादव द्वारा किया गया। अंत में शिविर में उपस्थित सभी साधक भाइयों और बहनों को उज्जवल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी गईं।
ओबरा में पतंजलि महिला योग शिक्षिकाओं ने संभाली कमान योग शिविर में मना विश्व पर्यावरण दिवस, प्लास्टिक मुक्त समाज का लिया संकल्प
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