थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लोहारपुर में शुक्रवार की देर शाम एक भीषण अग्निकांड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोहारपुर गांव के निवासी राम प्रकाश यादव के घर में आग लगी , प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली की लाइन/शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना शुक्रवार शाम लगभग 7:40 बजे की बताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि घर में रखा अनाज, कपड़े, नकदी सहित पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों और पानी की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घंटों की मेहनत के बाद आग को फैलने से रोका जा सका, जिससे आसपास के अन्य घर सुरक्षित बच गए।
पीड़ित परिवारों का भारी नुकसान हुआ है।
इस हादसे में पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है और अब उनके सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है।
राम प्रकाश यादव का नुकसान बहुत हो गया है।
पूरा अनाज, कपड़ा, 2 कूलर, 2 पंखे और 2 साइकिलें जल गईं।
सोने-चांदी के पूरे गहने सिकड़ी, झुमका, नथिया, करधनी, छागल, मांगटीका, पैजनी आदि नष्ट हो गए।
2 संदूक, 1 अलमारी और भैंस खरीदने के लिए रखे ₹55,000 नकद जलकर राख हो गए।
स्थिति यह है कि शरीर पर बचे कपड़ों के अलावा सब कुछ खत्म हो चुका है और खाने के लिए अनाज का एक दाना भी नहीं बचा है ।
आग की चपेट में आने से पड़ोसी मुरली यादव का भी भारी नुकसान हुआ। उनके घर का भी पूरा अनाज (गेहूं, चावल, आटा), 3 चौकी, 3 खटिया, चारा मशीन और मोटर जल गए।
इसके अलावा 2 पलंग, 2 कूलर, भूसा, 2 साइकिलें और कुर्ते में रखे ₹29,000 नकद समेत सारा सामान जल गया। इनके पास भी खाने के लिए अब कुछ नहीं बचा है।
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार, मुआवजे की मांग को जायज ठहराते हुए पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि बिरेंद्र यादव ने कहा कि परिवार अत्यंत गरीब है, एक भी आवाश नहीं मिला। हमारे सामने मुहम्मदाबाद उप जिलाधिकारी मुहम्मदाबाद को फोन लगाने का प्रयास भी बिरेंद्र यादव ने किया पर मैडम का फोन नही उठा । उन्होंने दुकान से एक बोरी गेहूं, और एक बोरी चावल , कुछ पहनने योग्य कपड़े अग्नि पिडित को फौरन उपलब्ध कराते हुए कहा कि गांव संगठित है और गांव के तरफ से लोग हर संभव मदद, सहयोग करेंगे।
अग्निकांड के बाद दोनों पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों से आग लगने के सही कारणों की जांच कराने की मांग भी की गई है।
भांवरकोल के लोहारपुर गांव में भीषण अग्निकांड, दो परिवारों की गृहस्थी जलकर खाक
Related Posts
Add A Comment

