चोपन/सोनभद्र (22 जुलाई 2026)। चोपन नगर स्थित प्रसिद्ध मेड़र माता मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद् श्रीराम कथा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के अंतर्गत बुधवार को कथा व्यास पूज्य श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के मंगल विवाह का अत्यंत भावपूर्ण, ओजस्वी और सजीव वर्णन प्रस्तुत किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल शिवमय हो उठा और श्रद्धालु स्वयं को कैलाश पर्वत पर संपन्न हो रहे दिव्य विवाह का प्रत्यक्ष साक्षी अनुभव करने लगे। भक्ति गीतों और मंगल ध्वनियों के बीच उपस्थित श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे तथा कथा रस में सराबोर होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करते रहे। कथाव्यास श्री भारद्वाज महाराज ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठोर तपस्या की थी। महर्षि नारद जी के मार्गदर्शन में किए गए कठिन तप से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने शिव विवाह की अद्भुत एवं अलौकिक बारात का ऐसा मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। देवताओं, ऋषियों, गंधर्वों और भूत-गणों से सजी बारात का वर्णन सुनकर पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया। कथा के दौरान महाराज श्री ने माता सती और भगवान शिव के प्रथम वैवाहिक प्रसंग तथा सती मोह का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अगस्त्य मुनि के आश्रम से लौटते समय भगवान शिव ने श्रीराम को परमब्रह्म मानकर प्रणाम किया, किंतु सती के मन में संशय उत्पन्न हो गया। शिवजी के मना करने के उपरांत भी सती ने माता सीता का रूप धारण कर परीक्षा ली। भगवान शिव ने सती द्वारा सीता स्वरूप धारण करने को अनुचित माना और मन ही मन उनका त्याग कर दिया, किंतु कभी कठोर शब्दों से उनका अपमान नहीं किया। कथाव्यास ने कहा भगवान शिव का यह चरित्र प्रत्येक गृहस्थ के लिए अनुपम प्रेरणास्रोत है। जीवन में सम्मान, धैर्य, त्याग और मर्यादा का पालन किस प्रकार किया जाए, यह भगवान शिव के आचरण से सीखा जा सकता है।इसके पश्चात उन्होंने राजा दक्ष के यज्ञ, सती के योगाग्नि में भस्म होने तथा पुनर्जन्म में हिमालय पुत्री पार्वती के रूप में अवतरित होकर पुन शिवजी को प्राप्त करने की पावन कथा सुनाई।
शिव-पार्वती विवाह की दिव्य कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान कई बार पूरा पंडाल हर-हर महादेव, जय श्री राम और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर आयोजन समिति के प्रमुख
धर्माचार्य पहाड़ी बाबा शिव कुमार निषाद
नागेश्वर प्रसाद गौड़, सुनील सिंह (वरिष्ठजन),श्यामा चरण गसन्तोष साहनी,राजकुमार यादव,संदीप चौरसिया,सहित चोपन नगर व जनपद सोनभद्र के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण एवं पेयजल की सुदृढ़ व्यवस्थाएं की गई थीं।
मेड़र माता मंदिर परिसर में गूंजा शिव-पार्वती विवाह का दिव्य प्रसंग, रामकथा में उमड़ा आस्था का सैलाब
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