(गाजीपुर)। आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मुहम्मदाबाद कोतवाली परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने की, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ताजियादारों, धर्मगुरुओं तथा विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की अराजकता, अफवाह या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता शांति, सुरक्षा और भाईचारे के वातावरण में पर्व को संपन्न कराना है।।
ताजियादारों को निर्देशित किया गया कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। जुलूस केवल निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएं तथा समयबद्ध तरीके से संपन्न कराए जाएं। बिजली के तारों, यातायात व्यवस्था और अन्य सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने पर विशेष जोर दिया गया।।
बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अधिकारियों ने अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।।
इस अवसर पर उपस्थित हिंदू एवं मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गाजीपुर की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। सभी लोगों ने अमन, शांति और सौहार्द के साथ पर्व मनाने तथा प्रशासन का सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें तथा जिले की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

