(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के ग्राम नारी पचदेवरा में सार्वजनिक रास्ते पर गेट लगाने को लेकर उत्पन्न विवाद का समाधान हो गया है। शिकायत और पुलिस की पहल के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से लिखित सुलहनामा तैयार किया गया है। समझौते में रास्ते पर किसी प्रकार का नया अवरोध न खड़ा करने तथा भविष्य में विवाद न बढ़ाने पर सहमति बनी है।
क्या था मामला
ग्राम नारी पचदेवरा निवासी संतोष यादव ने थाना प्रभारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि गांव के कुछ लोगों ने सार्वजनिक रास्ते पर गेट लगाकर आवागमन बाधित कर दिया है। उनका कहना था कि जिस समय गेट लगाया गया, वह घर पर मौजूद नहीं थे।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि उनकी बुजुर्ग मां हीरामनी ने 31 मार्च 2026 को मामले की शिकायत रामपुरमांझा थाने में की थी। शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और गेट हटाने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका और विवाद बना रहा।
पुलिस की पहल के बाद बनी सहमति
मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। इसके बाद 30 जून 2026 को लिखित सुलहनामा तैयार किया गया, जिस पर दोनों पक्षों और गवाह के हस्ताक्षर किए गए।
सुलहनामे की प्रमुख बातें
सुलहनामे के अनुसार प्रथम पक्ष संतोष यादव तथा द्वितीय पक्ष विनोद यादव के बीच निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी—
प्रथम पक्ष अपने गेट में ताला लगाएगा, जिससे किसी पक्ष के आने-जाने में बाधा नहीं होगी।
भविष्य में कोई नया गेट नहीं लगाया जाएगा।
रास्ते पर किसी प्रकार का नया निर्माण या अवरोध खड़ा नहीं किया जाएगा।
किसी भी पक्ष द्वारा विवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर दोनों पक्ष जिम्मेदार होंगे।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
गांव के लोगों का कहना है कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान होना सकारात्मक पहल है। इससे रास्ते के उपयोग को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त होगी और ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

