/गाजीपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी, किसान आंदोलन के प्रणेता एवं प्रखर विचारक स्वामी सहजानंद सरस्वती की 76वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए विश्वम्भरपुर में उनकी स्मृतियों के संरक्षण, स्मारक निर्माण, सूचना पट्ट स्थापित करने तथा उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग उठाई गई।।
मांग करने वालों ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने विश्वम्भरपुर में लगभग पाँच वर्ष निवास किया और यहीं रहकर किसानों-मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष की दिशा तय की तथा कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की। इसके बावजूद आज तक उनकी स्मृति में विश्वम्भरपुर में कोई स्मारक या सूचना पट्ट स्थापित नहीं किया गया है।।
समाजसेवी मृत्युंजय राय (बल्लू राय) ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।।
उन्होंने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, किसानों एवं मजदूर संगठनों से संयुक्त अभियान चलाकर स्वामी सहजानंद सरस्वती की स्मृतियों के संरक्षण और स्मारक निर्माण की दिशा में शीघ्र पहल करने की अपील की। साथ ही उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग भी दोहराई गई।।

