मोहनलालगंज, लखनऊ।मोहनलालगंज क्षेत्र के मेमोरा छावनी स्थित ढांकेश्वर मंदिर के निकट स्वामी करपात्री राष्ट्रीय गौशाला परिसर में स्थापित अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एपीएस एकेडमी इंटर कॉलेज सीबीएसई बोर्ड का भव्य शुभ उद्घाटन बुधवार को राष्ट्रीय कथा व्यास पूज्य स्वामी मुकेश आनंद महाराज के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर आयोजित शिव-परशुराम कथा एवं उद्घाटन समारोह ने शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त संदेश दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। विद्यालय परिवार की ओर से शिव प्रकाश मिश्रा “सेनानी”, सिंधुजा मिश्रा सेनानी, प्रथमेश प्रकाश मिश्रा सेनानी तथा प्रधानाचार्या प्रीती मिश्रा सेनानी ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।अपने प्रेरणादायी संबोधन में राष्ट्रीय कथा व्यास स्वामी मुकेश आनंद महाराज ने कहा कि “शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पीता है वह दहाड़ता है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और समाज के उत्थान का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एपीएस एकेडमी की पहल की सराहना करते हुए इसे भविष्य की पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।विधान परिषद सदस्य, पूर्व मंत्री एवं भाजपा मध्य प्रदेश के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों से युक्त विद्यार्थी ही भविष्य में देश और समाज को नई दिशा प्रदान करेंगे।वहीं पूर्व राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भरद्वाज भराला ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और श्रेष्ठ इंसान बनाना है। उन्होंने विद्यालय परिवार को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।अखिल भारतीय श्री चन्द्र दत्त सेनानी स्मारक न्यास के ट्रस्टी अध्यक्ष शिव प्रकाश मिश्रा “सेनानी” ने कहा कि शिक्षा का प्रकाश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि एपीएस एकेडमी का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा, तकनीकी दक्षता, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का समन्वित विकास करना है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को केवल डिग्री प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।प्रधानाचार्या प्रीती मिश्रा सेनानी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। वहीं सिंधुजा मिश्रा सेनानी ने बताया कि तेलीबाग शाखा की तरह मेमोरा स्थित नई शाखा भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों ने विद्यालय के विशाल परिसर, डिजिटल शिक्षण संसाधनों, आधुनिक कक्षाओं, अनुशासित वातावरण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की गई योजनाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि एपीएस एकेडमी इंटर कॉलेज केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त कार्यशाला है, जहां विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान, संस्कार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की शिक्षा प्रदान की जाएगी। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाते हुए भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से भी जोड़ना है।समारोह में क्षेत्र के अनेक सम्मानित नागरिक, शिक्षाविद, समाजसेवी, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने एपीएस एकेडमी इंटर कॉलेज के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान आने वाले वर्षों में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर पूरे क्षेत्र का गौरव बनेगा।
शिव-परशुराम कथा के साथ हुआ एपीएस एकेडमी इंटर कॉलेज का भव्य शुभारंभ
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