वाराणसी : शहर में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद जनसामान्य को जलजमाव की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम की टीम तत्काल सड़कों पर उतर आई। खास बात यह रही कि पूरी व्यवस्था की कमान खुद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संभाली। उन्होंने इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।
नगर आयुक्त के निर्देश पर जलकल विभाग को नालों की स्थिति जांचने, स्वास्थ्य विभाग को गलीपिटों को साफ करने और अभियंत्रण विभाग को निचले इलाकों में तत्काल पंप लगाने के निर्देश दिए गए, जिसका असर धरातल पर साफ नजर आया। तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में गलीपिटों के मुंह पर कूड़ा-करकट जमा हो गया था, जिससे पानी का बहाव बाधित हुआ। नगर निगम की मुस्तैदी से सारनाथ म्यूजियम रोड और दानियालपुर ईदगाह रोड सहित एक दर्जन से अधिक प्रमुख स्थानों पर तत्काल गलीपिटों की सफाई कराई गई। इसका परिणाम यह हुआ कि बंद पड़े मुंह खुलते ही महज आधे घंटे के भीतर बरसाती पानी निकल गया और राहगीरों ने राहत की सांस ली। जल निकासी को गति देने के लिए काशी विद्यापीठ रोड स्थित सरस्वती नगर, विकास भवन के सामने और सिगरा-फातमान रोड सहित दर्जनों स्थानों पर सीवर के चैंबर खोलकर पानी निकाला गया। अमूमन भारी बारिश में जलमग्न होने वाले अंधरापुल के नीचे इस बार जलभराव की स्थिति नहीं दिखी, फिर भी निगम ने एहतियातन वहां पंप तैनात रखा। इसके अलावा सिंधुरिया कॉलोनी (महेशपुर) सहित अन्य निचले इलाकों में तुरंत पंप चालू कर पानी निकाला गया। साथ ही फुलवरिया, कोटवा और नई बस्ती में युद्धस्तर पर नाला सफाई अभियान चलाया गया।
सिगरा और गांधी नगर में जलजमाव रोकने को बनेंगे नए नाली
शहर को भविष्य में जलजमाव की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त रखने के लिए निगम ने निर्माण कार्यों का भी त्वरित निर्णय लिया है। इसके तहत सिगरा बिग बाजार के पास और गांधी नगर (सिगरा) में नए सिरे से नाली निर्माण कराने का फैसला लिया गया है, ताकि इन व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्रों में दोबारा पानी रुकने की स्थिति पैदा न हो सके।
“कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण कुछ समय के लिए जलजमाव की स्थिति बनी थी, लेकिन राहत की बात यह है कि निगम की सजगता से चंद घंटों में ही पूरा पानी निकल गया। निगम सीवर और बड़े नालों की निरंतर सफाई को लेकर पूरी तरह गंभीर है। पहले से की गई मुस्तैद सफाई व्यवस्था के कारण ही इस बार शहर में कहीं भी लंबे समय तक पानी रुकने की नौबत नहीं आई।”
- हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त

