सोनभद्र। अजीत प्रताप सिंह। निःशुल्क और त्वरित न्याय व्यवस्था के माध्यम से असहाय एवं निर्धन बंदियों का सहारा बनने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। पॉक्सो (POCSO) एक्ट से जुड़े एक गंभीर आपराधिक मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभावी विधिक सहायता के बल पर एक निर्धन बंदी को न्याय मिला और माननीय अदालत ने उसे दोषमुक्त (बरी) कर दिया। मामला थाना जुगैल से संबंधित है। मा० न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनभद्र में विचाराधीन सत्र परीक्षण संख्या 99/2023 (अपराध संख्या 108/22, अंतर्गत धारा 376 आईपीसी एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट) के तहत अभियुक्त रामसकल उर्फ सिपाही बैगा (पुत्र रामपति बैगा, निवासी खरहरा टोला अमिला, थाना जुगैल, सोनभद्र) वर्ष 2022 से जिला कारागार सोनभद्र में निरुद्ध था।
वादी मुकदमा द्वारा 07 दिसंबर 2022 को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार आरोप लगाया गया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ अभियुक्त रामसकल द्वारा 25 नवंबर 2022 को बलात्कार किया गया था। इस पर थाना जुगैल द्वारा अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया और जांच के उपरांत माननीय न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। मामले के विचारण के दौरान अभियुक्त की निर्धनता एवं असहाय स्थिति को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता के रूप में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सत्यारण त्रिपाठी को नियुक्त किया गया। सत्यारण त्रिपाठी ने अभियुक्त की ओर से गवाहों से तीखी जिरह की और माननीय न्यायालय के समक्ष अभियुक्त के पक्ष को कानूनी तथ्यों और तर्कों के साथ बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र ने दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अनुशीलन करने के बाद 26 अगस्त 2026 को अभियुक्त रामसकल उर्फ सिपाही बैगा को सर्वसम्मान दोषमुक्त (बरी) करने का आदेश सुनाया। इस प्रकार लीगल एड सिस्टम के जरिए एक बेकसूर एवं गरीब बंदी को न्याय मिल सका। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के सचिव (पूर्णकालिक) व सिविल जज (सीनियर डिविजन) राहुल ने बताया कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यही है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे।
सोनभद्र असहाय बंदियों का संबल बना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पॉक्सो मामले में रामसकल दोषमुक्त
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