ओबरा/सोनभद्र टाइम्स (29 जुलाई 2026)। ओबरा आदर्श नगर पंचायत के सबसे विकसित और चर्चित वार्डों में शुमार वार्ड संख्या 18 (महाराणा प्रताप नगर) में विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल मानसूनी बारिश ने खोल कर रख दी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा बुनियादी सुविधाओं के नाम पर किए जा रहे दावों को धरातल पर मौसम की बारिश ने खोखला साबित कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में नगर पंचायत के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। वार्ड 18 के राजकुमारी नगर में नगर पंचायत द्वारा जल निकासी की समुचित व्यवस्था न किए जाने के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों के भीतर प्रवेश कर गया। घरों में गंदा पानी भर जाने से रहवासियों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और खाद्यान्न व घरेलू सामान खराब हो रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे विगत कई वर्षों से इस समस्या को लेकर नगर पंचायत प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं और लिखित शिकायतें भी दर्ज करा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। जलजमाव के साथ-साथ वार्ड में सड़कों की स्थिति भी अत्यंत जर्जर हो चुकी है। ओबरा डिग्री कॉलेज से लेकर गीता मंदिर तक जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए गंतव्य तक पहुँचना खतरे से खाली नहीं रह गया है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। एक तरफ जहाँ शासन-प्रशासन संक्रामक रोगों (डेंगू, मलेरिया आदि) की रोकथाम के लिए बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं इन गड्ढों में महीनों से एकत्रित दूषित जल मच्छरों व संक्रामक बीमारियों की नर्सरी बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस दुर्दशा के पीछे स्थानीय स्तर पर चल रही दलीय खींचतान और राजनीतिक उपेक्षा भी एक बड़ा कारण है। उल्लेखनीय है कि वार्ड 18 के वर्तमान सभासद भारतीय जनता पार्टी (BJP) से संबंध रखते हैं, जबकि ओबरा नगर पंचायत अध्यक्ष समाजवादी पार्टी (SP) से हैं। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और प्रशासन की उदासीनता के कारण वार्ड के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। नगर पंचायत की यह हीलाहवाली न केवल जनता को मुसीबत में डाल रही है, बल्कि प्रदेश सरकार की छवि को भी धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। नागरिकों की इस अविश्वास की भावना का सीधा असर आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भी देखने को मिल सकता है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन व संबंधित उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए तत्काल नालियों की सफाई, जल निकासी के स्थाई समाधान और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है।
सोनभद्र ओबरा के वार्ड 18 में नगर पंचायत के दावों की खुली पोल बारिश का पानी घरों में घुसा, बदहाल सड़कों से हादसे का डर
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