सोनभद्र/रेणुकूट (ब्यूरो-दृष्टि उजागर समाचार टाइम्स)। जनपद का सबसे व्यस्त और प्रमुख मार्ग इन दिनों आम जनता के लिए काल साबित हो रहा है। हम बात कर रहे हैं हाथीनाला से लेकर रेणुकूट के मुर्धवा मोड़ तक के मुख्य मार्ग की, जो प्रशासनिक बदहाली और संकरेपन के कारण डेजन जोन (मृत्यु क्षेत्र) बन चुका है। इस मार्ग पर आए दिन होने वाले भीषण हादसों में रोजाना मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। सुनने में आया है कि शासन स्तर से इस रोड के निर्माण और चौड़ीकरण का प्रस्ताव पास हो चुका है, मगर वह काम धरातल पर कब शुरू होगा और कब जनता को इस नरक से मुक्ति मिलेगी, इसका दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं है। विडंबना देखिए कि जिले में चार-चार विधायक और प्रदेश सरकार में एक कद्दावर मंत्री होने के बावजूद, इस बेहद संवेदनशील मार्ग का चौड़ीकरण (फोरलेन/चौड़ीकरण कार्य) जमीन पर नहीं उतर पा रहा है। जनप्रतिनिधियों और सरकार की इस घोर उदासीनता को लेकर अब स्थानीय जनता और समाजसेवियों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का सीधा सवाल है कि आखिर इस मार्ग का कायाकल्प कब होगा। वर्तमान में सोनभद्र जिले से चार विधायक विधानसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं और खुद चोपन-रेणुकूट क्षेत्र से जुड़े राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे हैं। इतनी बड़ी राजनीतिक ताकत होने के बावजूद सोनभद्र का यह सबसे खतरनाक और संवेदनशील मार्ग आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पिछले 4-5 महीनों का रिकॉर्ड उठाकर देखें, तो इस पैच पर कई दर्दनाक सड़क हादसे हुए हैं जिनमें दर्जनों परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं। इस गंभीर जन-समस्या और रोजाना बही जा रही खून की नदियों को रोकने के लिए रेणुकूट की पूर्व चेयरपर्सन निशा सिंह ने मुखर होकर आवाज उठाई है। उन्होंने कड़े शब्दों में शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा हाथीनाला से मुर्धवा मोड़ तक का यह पूरा मार्ग अब सोनभद्र का सबसे डेंजर जोन बन चुका है। यहाँ जीवित रहने की गारंटी नहीं बची है। केवल यह कह देने से कि रोड पास हो गया है, जनता की जान नहीं बचेगी। इस मार्ग को तत्काल चौड़ा करने और इसके जीर्णोद्धार की सख्त जरूरत है। अगर सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग ने जल्द ही धरातल पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो हम इन मासूम मौतों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेंगे। जनता के जीवन की रक्षा के लिए इस मार्ग का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू होना ही चाहिए। इस खतरनाक मार्ग पर जब भी कोई अप्रिय घटना या भीषण एक्सीडेंट होता है, तो अमूमन पुलिस और एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले टीम निशा सिंह (बबलू सिंह की टीम) के जांबाज सदस्य मौके पर पहुंच जाते हैं। रात हो या दिन, यह टीम अपनी जान की परवाह किए बिना क्षतिग्रस्त केबिनों को काटकर घायलों को बाहर निकालती है और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाती है। लगातार लहूलुहान लाशों और तड़पते घायलों को उठाने वाले इन सेवाभावी युवाओं का भी अब दर्द छलक उठा है। टीम के सदस्यों का साफ कहना है कि, हम कब तक अपनों की लाशें हाईवे से उठाते रहेंगे। सरकार और जिला प्रशासन से हमारी हाथ जोड़कर विनती है कि राजनीति और कागजी फाइलों से ऊपर उठकर इस रोड का चौड़ीकरण जमीन पर शुरू करवा दें, ताकि हाईवे पर होने वाली इन बेगुनाह मौतों पर हमेशा के लिए लगाम लगाई जा सके। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क के चौड़ीकरण को लेकर जल्द ही शासन स्तर से कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई या जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता इस प्रशासनिक उपेक्षा और लेट-लतीफी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन को विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
सोनभद्र का डेजन जोन बना हाथीनाला-रेणुकूट मार्ग 4 विधायक और 1 मंत्री होने के बाद भी चौड़ीकरण अधर में, रोज जा रही मासूमों की जान
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