राबर्ट्सगंज, सोनभद्र जनपद सोनभद्र के जिला अस्पताल के ठीक सामने संचालित लाइफ केयर हॉस्पिटल इन दिनों चिकित्सा सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि अपनी लचर सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की घोर संवेदनहीनता को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल के जनरल वार्ड में सो रहे एक मरीज का मोबाइल चोरी होने और उसके बाद डॉक्टरों द्वारा पीड़ित परिवार के साथ किए गए दुर्व्यवहार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, चपईल रामगढ़ के रहने वाले 24 वर्षीय प्रियांशु गुप्ता अपने पैर के ऑपरेशन के लिए लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। 13 मई की अलसुबह करीब 3:00 बजे, जब मरीज और उनके तीमारदार गहरी नींद में थे, तब अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक अज्ञात चोर जनरल वार्ड में दाखिल हुआ।
CCTV फुटेज से साफ हुआ है कि चोर ने पहले पूरे वार्ड की रेकी की। इसके बाद वह अपने एक अन्य साथी के साथ दोबारा वार्ड में आया और सो रहे प्रियांशु के सिरहाने रखा कीमती मोबाइल फोन उड़ा लिया। दुस्साहस की हद तो यह थी कि चोर ने भागने से पहले वार्ड के अंदर ही मोबाइल ऑन करके चेक भी किया, जिससे स्पष्ट होता है कि उसे अस्पताल के गार्ड्स या बाउंसरों का कोई खौफ नहीं था।इस घटना से भी ज्यादा शर्मनाक पहलू तब सामने आया जब पीड़ित के पिता रामकिशुन सुबह इस चोरी की शिकायत लेकर अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंचे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर प्रमोद प्रजापति से मदद की गुहार लगाई, तो डॉक्टर साहब ने सहानुभूति दिखाने के बजाय उन्हें डांटना शुरू कर दिया। डॉक्टर ने बेहद तल्ख लहजे में पीड़ित के पिता से कहा हम यहां इलाज करने बैठे हैं या तुम्हारी देखभाल करने? तुम्हारा सामान चोरी हो जाए तो उससे हमें क्या मतलब!अस्पताल प्रशासन के इस रुख से आहत पीड़ित परिवार और वहां मौजूद अन्य तीमारदारों ने कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि इलाज के लिए हजारों-लाखों रुपये वसूलने वाले इस निजी अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।घटना के बाद स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों में लाइफ केयर हॉस्पिटल के खिलाफ गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि निजी अस्पतालों में तैनात गार्ड और बाउंसर सिर्फ मरीजों के परिजनों पर रौब गांठने और समय पर बिल वसूलने के लिए रखे जाते हैं। रात के समय जब बाहरी तत्वों की आवाजाही पर कड़ी नजर होनी चाहिए, तब पूरा सुरक्षा अमला नदारद रहता है। ग्रामीणों के बीच अब यह चर्चा आम हो गई है कि इस अस्पताल में भर्ती होने से पहले मरीजों को अपनी दवाइयों के साथ-साथ एक तिजोरी भी साथ लानी पड़ेगी।अस्पताल प्रबंधन के सहयोग न करने पर पीड़ित के पिता रामकिशुन ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है और मामले की ऑनलाइन FIR दर्ज करा दी है। चूंकि पूरी वारदात अस्पताल के CCTV कैमरे में कैद है और आरोपी चोर का चेहरा भी साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।यह घटना किसी भी चिकित्सा संस्थान की नैतिकता पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। सार्वजनिक या निजी परिसरों में सामान की जिम्मेदारी भले ही व्यक्तिगत हो, लेकिन रात के समय वार्डों में संदिग्धों का बेधड़क घूमना और प्रबंधन द्वारा अमानवीय व्यवहार करना घोर लापरवाही को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक चोरों को सलाखों के पीछे भेजती है और स्वास्थ्य विभाग ऐसे लापरवाह अस्पतालों पर क्या कार्रवाई करता है।
सोनभद्र के लाइफ केयर हॉस्पिटल में सुरक्षा व्यवस्था तार-तार वार्ड से सो रहे मरीज का मोबाइल चोरी, डॉक्टर के संवेदनहीन बयान पर फूटा गुस्सा
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