दुल्लहपुर (गाजीपुर)। क्षेत्र के शहीद अब्दुल हमीद पार्क, धामूपुर में गुरुवार को समाजसेवियों ने राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखकर प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का आमरण अनशन समाप्त कराने की मांग की। समाजसेवियों ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनशनरत सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है, ऐसे में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी रमेश यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार उपवास के कारण उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा है और उनका वजन भी लगभग साढ़े आठ किलोग्राम कम हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि अनशन लंबे समय तक जारी रहा तो उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। सोनम वांगचुक का जीवन देश और दुनिया के लिए अमूल्य है तथा उनकी किसी भी प्रकार की क्षति लोकतंत्र और मानवता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगी।
दिव्यांग शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर.पी. पांडेय ने कहा कि सोनम वांगचुक पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं। छात्रों, युवाओं और जनहित के मुद्दों को लेकर उन्हें अनशन का सहारा लेना पड़ रहा है, जो सरकार के लिए चिंतन का विषय है।
समाजसेवियों ने राष्ट्रपति से मांग की कि वे मामले में हस्तक्षेप करते हुए सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार कराएं तथा उनका अनशन समाप्त कराने की पहल करें।
इस अवसर पर प्रधान रामपूजन राजभर, योगेश पांडेय, वृषभदेव राय, श्रीनारायण गिरी, मनीष यादव, सूरज कुमार, राजीव यादव, रमेश गाजीपुरी, त्रिलोकी गिरी, संजय यादव, रामकेर पहलवान, वीरेन्द्र प्रताप सिंह सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।
सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाने की मांग, समाजसेवियों ने राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र
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