हापुड़ (मनीष कुमार) न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर ‘समाधान समारोह-2026’ के अंतर्गत 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को माननीय उच्चतम न्यायालय में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है, जिनमें समझौते की संभावना मौजूद है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ के सचिव सौरभ कुमार वर्मा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जनपद स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय में लंबित समझौता योग्य मामलों के पक्षकारों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है और प्री-लोक अदालत सुलह बैठकों का आयोजन भी किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण आपसी सहमति से कराया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पक्षकारों को आवश्यक विधिक सहायता, परामर्श और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समझौते के योग्य मामलों में पक्षकार बिना अनावश्यक विलंब के सहमति बनाकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कर सकें। सौरभ कुमार वर्मा ने जनपद के सभी सरकारी विभागों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अपील की है कि यदि उनका कोई मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और उसमें समझौते की संभावना है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड से संपर्क कर इस विशेष लोक अदालत का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आपसी समझौते से विवादों का समाधान होने पर न केवल वर्षों तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है, बल्कि समय, धन और ऊर्जा की भी बचत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पारिवारिक, सामाजिक और अन्य समझौतायोग्य मामलों में आपसी सहमति से समाधान निकलने पर रिश्तों में सौहार्द बना रहता है और न्याय भी शीघ्र प्राप्त होता है
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