दुद्धी, सोनभद्र। धर्म और आस्था की नगरी दुद्धी में बुधवार को आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। अवसर था श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व आयोजित भव्य 101 कलश यात्रा का। शिवाजी तालाब से शुरू हुई इस यात्रा ने पूरे कस्बे को भक्तिमय रंग में सराबोर कर दिया। बुधवार सुबह शिवाजी तालाब के तट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं ने कलशों में जल भरा। पीले वस्त्रों में सुसज्जित महिलाओं, युवतियों और बच्चों के जत्थों ने जब जयकारे लगाते हुए कस्बे का भ्रमण किया, तो दृश्य अत्यंत मनोरम हो गया। यह शोभायात्रा कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए संकट मोचन मंदिर पहुंची, जहाँ श्री रामलीला मंच पर मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित किए गए। इस आयोजन का विशेष आकर्षण अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक एवं धर्म रक्षक उपाधि से सम्मानित बाल व्यास मानस जी महाराज रहे। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मानस जी महाराज यात्रा के दौरान भक्तों के बीच विचरण करते रहे, जिनसे आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने में आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य यजमान आयोजन समिति के अध्यक्ष निरंजन जायसवाल एवं संदीप तिवारी ने अपनी पत्नियों के साथ मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए पूजन कार्य संपन्न किया। सहयोगी यात्रा में मुख्य रूप से बृजेश कुमार, भोला अग्रहरि, कृष्ण कुमार, संदीप गुप्ता, ओमकार अग्रहरि सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा का नियमित वाचन गुरुवार सायं 7:00 बजे से विधिवत आरंभ होगा। समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से सादर आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कथा श्रवण कर पुण्य के भागी बनें। कलश यात्रा के साथ ही दुद्धी का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु अब बाल व्यास मानस जी महाराज के मुखारविंद से ज्ञान की गंगा में गोता लगाने को आतुर हैं।
दुद्धी में भक्ति का सैलाब भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शंखनाद
Related Posts
Add A Comment

