वाराणसी के अखाडा रामकुंड जो की सांस्कृतिक धरोहर है और इसका इतिहास अति प्राचीन है जोकि दबंग माफियाओं की नजर है हालांकि कोई नई बात नहीं है देखा जाए तो वाराणसी सहित आसपास क्षेत्र में तालाब कुंड की संख्या नगर निगम दस्तावेज के हिसाब से सैकड़ो से अधिक हैं लेकिन आज धीरे-धीरे तालाब कुएं कुंड पटते जा रहे हैं जहा एक ओर सरकार मंदिर, अखाडा, कुआँ, तालाब को संरक्षित करने का पूर्ण प्रयास कर रही।
पुराने जर्जर पड़े कुएं को साफ सफाई कर पुनः जीवित करने का प्रयास कर रही, जिससे आने जाने वाले राहगीर इसका उपयोग कर पाए साथ ही आज का युवा वर्ग जहा जिम की ओर भाग रहा है इसके लिए सरकार प्रयास कर रही की व जागरूक कर रही की देशी अखाड़े मे जाये तथा वहां कसरत करें। अपनी पुरानी परम्पराओ, धार्मिकताओ से जुड़े रहे।
वही आज वर्षो पुराने अखाड़े पर खतरा मडराता दिख रहा यहाँ पर कुछ दबंग प्रवित्ती के लोगों की नजर है जो कि फ़र्ज़ी दस्तावेज के आधार पर अखाड़े पर कब्ज़ा करने की नियत से पुलिस के बल पर अखाड़े पर होने वाले नित पूजा पाठ, कुश्ती को बंद कर अखाड़े के लोगों को बाहर करने का प्रयास करने लगी हैं साथ ही अखाड़े के लोगों द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन देखते हुए पुलिस को पीएससी बल बुलानी पड़ी क्षेत्रीय पार्षद सिंधु सोनकर तथा माननीय महापौर ने मामलों को तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच का आदेश दिया तथा सभी को आश्वसत किया कि मेरे रहते किसी प्रकार का कोई कब्जा नहीं किया जा सकता महापौर ने लक्सा थाना SHO राजू कुमार को कार्य मे सिथिलता के लिए नाराजगी जाहिर की व SI कर्मवीर राय जो की अखाड़े के युवाओं को डराने धमकाने का कार्य कर रहे थे इनकी शिकायत तत्काल CP से किया साथ ही कब्जाधारी वर्ग द्वारा जो ताला बंद किया गया था उसे तत्काल खुलवाने का आदेश महापौर ने किया
मौके पर महापौर अशोक तिवारी जोनल अधिकारी व एसडीएम उपस्थित रहे वहीं लोगों में आक्रोश दिख रहा है
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