सोनभद्र। जनपद में पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने, हरियाली बढ़ाने और नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण त्रिस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला गंगा समिति के कार्यों की बिंदुवार और विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में आगामी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा कि शासन द्वारा जो भी लक्ष्य विभागों को आवंटित किए गए हैं, उनके अनुरूप समयबद्ध ढंग से सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं। केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और जीवितता (Survival Rate) सुनिश्चित करना सबसे ज्यादा जरूरी है। पूर्व के वर्षों में कराए गए वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और कड़ी निगरानी करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने पर जोर दिया। उन्होंने जनपद को स्वच्छ रखने के लिए कई अहम कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।सड़कों पर उड़ने वाली धूल (रोड डस्ट) पर नियंत्रण पाने, घरेलू एवं व्यावसायिक कूड़े-कचरे के समुचित निस्तारण, अवैध डंपिंग को रोकने तथा निर्माण अपशिष्ट (Construction Waste) के बेहतर प्रबंधन पर विशेष बल दिया गया। सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (EOs) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करें। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर प्रभावी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए पर्यावरण को बचाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ आमजन को जागरूक करने हेतु व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
सोनभद्र जनपद से गुजरने वाली नदियों और स्थानीय जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए जिला गंगा समिति की बैठक में विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा की गई।नदी पुनरोद्धार गंगा की सहायक नदियों के पुनरोद्धार के लिए नालों की टेपिंग, स्क्रीनिंग और बायो-रिमेडिएशन कार्यों की प्रगति में तेजी लाई जाए।नदी तटों की स्वच्छता नदी के घाटों और तटों पर स्वच्छता बनाए रखने तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी एवं सतत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जल निकाय संरक्षण जनपद के पारंपरिक पेयजल स्रोतों, तालाबों और आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण व उनके पुनर्जीवन के कार्यों की प्रगति पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में सीडीओ ने जीडीपीएमएस (GDPMS) पोर्टल पर विभागीय सूचनाओं को समय से अपलोड करने के निर्देश दिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही ग्राम गंगा समितियों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर संचालित स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला स्तरीय वनाधिकारी सहित पर्यावरण, पंचायती राज, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग और नगर निकाय विभागों के तमाम अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सोनभद्र पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर सीडीओ सख्त, अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
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