हापुड़ (मनीष कुमार) परिवहन विभाग के अंतर्गत विभिन्न थानों में धारा-207(1) के तहत निरुद्ध 119 वाहनों की नीलामी आखिरकार रद कर दी गई। नीलामी में उच्चतम बोली लगाने वाले तीनों बोलीदाताओं द्वारा निर्धारित धनराशि जमा न करने और नोटिस के बाद भी कोई जवाब न देने पर प्रशासन को यह निर्णय लेना पड़ा। अब विभाग दोबारा नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगा।
बताया गया है कि सात अप्रैल 2026 को कार्यालय परिसर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा वाहनों की नीलामी कराई गई थी। समिति में क्षेत्राधिकारी यातायात तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) शामिल रहे। नीलामी में विभिन्न थानों में खड़े 119 वाहनों के लिए तीन बोलीदाताओं ने सबसे अधिक बोली लगाई थी और उन्हें नियमानुसार निर्धारित अवधि में धनराशि जमा करनी थी।
हालांकि नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी किसी भी बोलीदाता ने बोली की रकम जमा नहीं कराई। इसके बाद प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से संबंधित बोलीदाताओं को नोटिस जारी कर भुगतान करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने धनराशि जमा कराने में रुचि नहीं दिखाई।
बोली की राशि जमा न होने से पूरी नीलामी प्रक्रिया प्रभावित हो गई। मामले पर विचार करने के लिए समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से सात अप्रैल को हुई नीलामी को निरस्त करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि नीलामी की शर्तों का पालन न होने के कारण प्रक्रिया को आगे बढ़ाना संभव नहीं था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार लंबे समय से विभिन्न थानों में खड़े वाहनों के निस्तारण के लिए जल्द ही पुनः नीलामी की नई तिथि घोषित की जाएगी। इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे।
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे ने बताया कि नीलामी में सफल घोषित किए गए बोलीदाताओं द्वारा निर्धारित धनराशि जमा नहीं की गई। विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कर भुगतान का अवसर भी दिया, लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि समिति ने नियमों के अनुरूप नीलामी को निरस्त करने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पुनः नीलामी कराई जाएगी ताकि विभागीय प्रक्रिया पूरी हो सके और सरकारी राजस्व को नुकसान न पहुंचे।
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